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सरकार की कृषि आधारित योजनाओं से मिल रहे सहयोग से अंकित बने आत्मनिर्भर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सरकार की कृषि आधारित योजनाओं से मिल रहे सहयोग से अंकित बने आत्मनिर्भर

सितंबर 29, मंडी (हिमाचल प्रदेश): मंडी जिले के सुंदरनगर निवासी अंकित कुमार ने सरकारी प्रोत्साहन और स्वरोजगार की राह अपनाकर मशरूम उत्पादन को सफल व्यवसाय में बदल दिया है। केंद्र और राज्य सरकार की कृषि आधारित योजनाओं से मिल रहे सहयोग और अपने परिश्रम के दम पर अंकित आज हर महीने करीब 20 क्विंटल मशरूम बेचकर लगभग डेढ़ लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं।

अंकित ने अपने सफर की शुरुआत महज 200 बैग से की थी, जो अब बढ़कर 7 हजार बैग तक पहुंच गई है। बारहवीं तक पढ़े अंकित ने नौकरी का इंतजार करने के बजाय पहले मशरूम फार्म पर काम कर अनुभव हासिल किया और फिर कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से वैज्ञानिक प्रशिक्षण लिया। सीमित भूमि में अधिक उत्पादन के लिए उन्होंने वर्टिकल फार्मिंग अपनाई।

सुंदरनगर के बाद अब पंजाब के भरतगढ़ के पास भी नई इकाई स्थापित की है। खुम्ब विकास योजना के तहत उन्हें शेड निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की सहायता मिली। अंकित की कहानी युवाओं को संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और मेहनत के सहारे स्वरोजगार को आत्मनिर्भरता की मजबूत राह बनाया जा सकता है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर एक किसान अंकित कुमार के मशरूम उत्पादन के सफल व्यवसाय की कहानी है, जो सरकारी कृषि योजनाओं और स्वरोजगार के माध्यम से आय बढ़ा रहे हैं। यह विषय कृषि आधारित योजनाओं के प्रभाव और ग्रामीण उद्यमिता को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकारी सहायता से छोटे किसानों को आय के नए स्रोत मिल सकते हैं और स्वावलंबन की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। इससे आम जनता पर सकारात्मक असर पड़ेगा, जैसे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कृषि आय में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।