सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा लोगों का भरोसा:एक साल में ओपीडी मरीज 12.7%, तो आईपीडी में 19.7% का आया उछाल
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ा है। हॉस्पिटल इनफॉरमेशन सिस्टम (एचआईएस) के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में ओपीडी मरीजों की संख्या 12.7 प्रतिशत और आईपीडी मरीजों की संख्या 19.7 प्रतिशत बढ़ी है।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को हॉस्पिटल इनफॉरमेशन सिस्टम (HIS) के आंकड़े साझा करते हुए बताया आम लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है ओपीडी में पहुंचे 26.21 करोड़ मरीज, 2.95 करोड़ का इजाफा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में कुल 23 करोड़ 26 लाख 92 हजार 346 मरीज आए थे।
वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 26 करोड़ 21 लाख 86 हजार 275 के पार पहुंच गया। यानी केवल एक साल के भीतर ओपीडी मरीजों की संख्या में करीब 2.95 करोड़ (12.7%) की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।
अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने वाले (आईपीडी) मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2024-25 में जहां 1.03 करोड़ (1,03,06,336) मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1.23 करोड़ (1,23,35,444) पहुंच गई।
एक साल में भर्ती मरीजों की संख्या में 20.29 लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जो 19.7 फीसदी के उछाल को दर्शाती है। आधुनिक जांच सुविधाओं और एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की वजह बताते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों को लगातार आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
अस्पतालों में डायलिसिस, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचों का दायरा बढ़ाया गया है। इसके अलावा मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं को भी पहले से ज्यादा चुस्त-दुरुस्त किया गया है।
स्वास्थ्य योजनाओं का मिल रहा सीधा फायदा डिप्टी सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग पूरी निष्ठा से काम कर रहा है।
तकनीक के प्रयोग, सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के कारण ही सरकारी स्वास्थ्य तंत्र अधिक सक्षम और मरीज-केंद्रित बन रहा है। ओपीडी और आईपीडी के ये बढ़ते आंकड़े इसी जनविश्वास का प्रमाण हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io