सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हुआ तो पटवारी से लेकर पुलिस तक जिम्मेदार

भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं बुहाना तहसील के रामसर और पचेरी खुर्द गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा करना स्थानीय राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
यदि ग्रामीण या कोई जागरूक नागरिक अतिक्रमण की शिकायत करता है तो तहसीलदार, पटवारी और एसडीओ को मौके की स्थिति की जांच कर कलेक्टर को रिपोर्ट देनी होगी। अतिक्रमण नहीं हटाने और मामला दर्ज नहीं कराने पर कोर्ट ने बुहाना एसडीएम को तलब किया है।
मामले के अनुसार पचेरी खुर्द निवासी शीशराम व कर्नल बाबूलाल ने 21 अप्रैल को राजस्थान हाईकोर्ट में एडवोकेट सुधीर यादव के जरिए जनहित याचिका दायर कर बताया कि रामसर व पचेरी खुर्द में आम रास्ते, स्कूल खेल मैदान और चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
कलेक्टर, एसडीएम व राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव को ज्ञापन देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए है। जबकि न्यायालय का आदेश है कि तीस दिन में अतिक्रमण हटाए जाएं।
इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने 30 अप्रैल को राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव को आदेश िदए थे कि अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दे कि अतिक्रमण हटाने के मामले में सर्कुलर जारी किए और अतिक्रमियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं तथा डीजीपी को अतिक्रमणों के मामलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इस पर पिछले दिनों डीजीपी कोर्ट में शपथ पत्र देकर बताया कि राजस्व विभाग ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह व संदीप तनेजा की खंडपीठ ने बुहाना एसडीएम को न्यायालय में 2 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए है।
अतिक्रमण होने पर केस भी दर्ज होगा : हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि स्थानीय अधिकारियों के लिए उचित सर्कुलर और दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के साथ संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी अधिकृत किया जाए।
पुलिस भी होगी जिम्मेदार : कोर्ट ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने दिया जाता है तो संबंधित क्षेत्र की पुलिस भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकेगी। डीजीपी को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया है। राजस्व और पुलिस विभाग को मिलकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io