सरकारी जमीन पर रातोंरात लगाई महारानी अवंतीबाई की प्रतिमाः पिछोर में बिना अनुमति प्रतिमा लगाने का आरोप, पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा क्षेत्र में महापुरुषों की प्रतिमाएं रातोंरात स्थापित करने का सिलसिला जारी है। ताजा मामला ग्राम पंचायत खुरई के भितरगुआं और कालीपहाड़ी के बीच किचार खांद मंदिर के पास का है। यहां शुक्रवार रात अज्ञात लोगों ने वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी की अश्वारोही प्रतिमा लगा दी।
सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने प्रतिमा को हरे रंग के पर्दे से ढका और फूल मालाओं से सजा देखा। यह खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। प्रतिमा किसने लगाई और इसकी अनुमति ली गई थी या नहीं, इसे लेकर ग्रामीणों में चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि यह प्रतिमा सरकारी जमीन पर स्थापित की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इसे रात के समय लगाया गया। महापुरुषों की प्रतिमा लगाने के लिए प्रशासनिक अनुमति जरूरी होती है। इसके बावजूद पिछोर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रतिमाएं लगाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
20 दिन पहले भी ऐसा हो चुका करीब 20 से 25 दिन पहले भी पिछोर विधानसभा क्षेत्र में एक ही रात में अलग-अलग जगहों पर प्रतिमाएं लगाने के मामले सामने आए थे। खोड़ चौकी क्षेत्र के बूधौन गांव में महारानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा लगाई गई थी।
वहीं मायापुर थाना क्षेत्र के पड़ौरा गांव में रानी अवंतीबाई का छायाचित्र लगाकर लोहे की फ्रेम और पक्के फाउंडेशन का निर्माण किया गया था। उस समय रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती भी पास थी। खनियाधाना थाना क्षेत्र में सांदीपनि स्कूल के पास लगी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा खंडित होने का मामला भी सामने आ चुका है।
स्थानीय निवासी शोभाराम पाल के अनुसार, समाज के लोगों ने करीब दो साल पहले चंदा इकट्ठा कर प्रतिमा लगाई थी। इसके बाद 30 मई 2025 की रात प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। दोबारा प्रतिमा के हाथ में मौजूद शिवलिंग और तलवार टूटी मिली थी। इस घटना के बाद पाल समाज में गुस्सा भी देखने को मिला था।