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सरकारी टीचर का मर्डर, आरोपी की जमानत खारिज:कोर्ट ने कहा- फरार होने और सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना; जमीनी विवाद में हुई थी हत्या

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सरकारी टीचर का मर्डर, आरोपी की जमानत खारिज:कोर्ट ने कहा- फरार होने और सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना; जमीनी विवाद में हुई थी हत्या

गुना के आरोन इलाके में जमीन विवाद में सरकारी शिक्षक ब्रह्मदास अहिरवार की हत्या के मामले में आरोपी संतोष को कोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। संतोष की ओर से कुछ अन्य आरोपियों को जमानत मिलने का हवाला देते हुए समानता के आधार पर जमानत मांगी गई थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर शिक्षक के सिर पर फरसे से वार करने का आरोप है, इसलिए दूसरे आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर उसे भी जमानत नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी को जमानत मिलने पर सबूतों से छेड़छाड़ करने और फरार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामला जून 2025 का है। एक बीघा जमीन को लेकर चल रहा था विवाद आरोन के गेहूंखेड़ा निवासी ब्रह्मदास अहिरवार (50) वर्ग-2 के सरकारी शिक्षक थे। वे कला विषय पढ़ाते थे और माता मूडरा हाई स्कूल में पदस्थ थे।

गांव में एक बीघा जमीन को लेकर उनका दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। ब्रह्मदास का आरोप था कि दूसरे पक्ष ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। राजस्व विभाग ने सीमांकन किया तो जमीन ब्रह्मदास के नाम पाई गई और उन्हें उसका कब्जा भी दे दिया गया। इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ।

स्कूल से लौटने के बाद किया हमला घटना 28 जून 2025 की है। ब्रह्मदास रोज की तरह स्कूल गए थे। दोपहर करीब 3 बजे स्कूल से लौटने के बाद वे गांव के बाहर स्थित वेयरहाउस पर बैठे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे और फरसे, लुहांगी समेत धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में ब्रह्मदास के अलावा उनके बेटे सत्या और वेयरहाउस कर्मचारी निक्की जाटव भी गंभीर घायल हुए थे।

अस्पताल ले जाते समय शिक्षक की मौत हमले के बाद ब्रह्मदास को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उनके बेटे और कर्मचारी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में गांव के पूर्व सरपंच रघुवीर कोरी समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

इनमें वीर सिंह, भद्दू, अमर सिंह, दिमान सिंह, लखन, संतोष, कमल सिंह, सोनू, रवि सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। संतोष ने दूसरे आरोपियों की जमानत का दिया था हवाला आरोपी संतोष की ओर से कोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया गया था। इसमें कहा गया कि मामले के कुछ अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए उसे भी समानता के आधार पर जमानत का लाभ दिया जाए।

कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि संतोष पर शिक्षक के सिर पर फरसे से वार करने का आरोप है और इसी कारण उसकी भूमिका अन्य जमानत पा चुके आरोपियों से अलग है। कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ और फरार होने की आशंका को देखते हुए जमानत आवेदन खारिज कर दिया।

📡 स्रोत: NewsData.io

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