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सारण में ‘खेत बचाओ अभियान’, 19 मुद्दों पर किसानों से संवाद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सारण में ‘खेत बचाओ अभियान’, 19 मुद्दों पर किसानों से संवाद

कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने मिट्टी संरक्षण और प्राकृतिक खेती पर जोर दिया। रबी सत्र में 15 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया।

03 नवंबर , पटना (पटना , बिहार) : किसानों के हितों की रक्षा, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सारण जिले में ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ परिवार, समृद्ध समाज और सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने खेतों के संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य को जनभागीदारी से जुड़ा अभियान बनाने की अपील की।

कृषि मंत्री ने कहा कि जिस मिट्टी में अन्न उपजाया जाता है, उसकी गुणवत्ता और पोषक तत्वों का सीधा संबंध मानव स्वास्थ्य से है। मिट्टी स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर होगी, तभी बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेतों और मिट्टी का संरक्षण केवल किसानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने नारा दिया, ‘मिट्टी बचेगी, तभी थाली सजेगी और खेत बचेंगे, तभी खुशहाली आएगी।’

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक छोटी कुमारी, जनक सिंह, रंधीर कुमार सिंह और मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह तथा विधान परिषद सदस्य सच्चिदानंद राय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने किसानों के हितों की रक्षा, खेतों के संरक्षण और कृषि के सतत विकास के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

कृषि मंत्री ने मृदा स्वास्थ्य के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए राज्य के विद्यालयों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य है। उनके अनुसार, इस दिशा में पहले ही 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को मिट्टी की गुणवत्ता, पोषक तत्वों और वैज्ञानिक खेती के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

अभियान की प्रगति का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि खरीफ मौसम के दौरान राज्यभर में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि रबी मौसम 2026-27 में अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुंचना है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने बीज, कीटनाशक, मिट्टी जांच और उर्वरक सहित कृषि से जुड़े 19 महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में कृषि योजनाओं, आधुनिक तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, गुणवत्तायुक्त बीजों और प्राकृतिक खेती से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम में किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। कृषि मंत्री ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ की सफलता किसानों की सक्रिय भागीदारी और व्यापक जनजागरूकता पर निर्भर करती है। उन्होंने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।