सरकार ऐसे व्यवसायों की पहचान कर रही है, जिन पर एआई का कम असर पड़ने की संभावना है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार ऐसे व्यवसायों की पहचान कर रही है, जिन पर एआई का कम असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां मानव कामगारों को हटाए बिना एआई से कामकाज बेहतर हो सकता है। जर्मनी में भारतीय शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान श्री गोयल ने कहा कि हस्तशिल्प, हथकरघा, पाक कला और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भारत अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत कर सकता है।
इन क्षेत्रों में पारंपरिक कौशल और मानवीय रचनात्मकता का महत्व बना हुआ है। उन्होंने शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से यह भी बताने को कहा कि भारत में काम करने के लिए उन्हें किस तरह की सहायता की जरूरत होगी। श्री गोयल ने कहा कि कुशल पेशेवरों को भारत की ओर आकर्षित करने के लिए मजबूत शोध व्यवस्था और नवाचार के अनुकूल माहौल जरूरी है।
यात्रा के दौरान, श्री गोयल ने जर्मनी के फेडरल चांसलर के आर्थिक और वित्तीय नीति सलाहकार तथा जी-7 और जी-20 में जर्मनी के शेरपा लेविन होले से मुलाकात की। उन्होंने भारत और जर्मनी के बीच औद्योगिक सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा की। बातचीत में प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।