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सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के कार्यालय का दौरा करने की बात कही

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के कार्यालय का दौरा करने की बात कही

सर्वोच्च न्यायालय ने आज कहा कि वह राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी - एनटीए के कार्यालय का दौरा कर यह आकलन कर सकता है कि उसकी परीक्षा प्रणाली जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर रही है या नहीं। न्यायालय ने कहा कि संस्थागत सुधारों के लिए की गई सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए और उन्हें केवल रिपोर्ट तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और आलोक आराधे की पीठ ने एनटीए को पूर्णतः संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। न्यायालय ने उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल के साथ समन्वय कर रहे संयुक्त सचिव को प्रस्तावित सुधारों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का विवरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नंदन नीलेकानी की अध्यक्षता में गठित नए उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल ने पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति से व्यापक परामर्श किया था। श्री मेहता ने कार्य बल की रिपोर्ट का विवरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने के लिए सितंबर के अंत तक का समय मांगा। यह कार्यवाही 2026 के कथित पेपर लीक विवाद के बाद नीट-यूजी परीक्षा के संचालन में संरचनात्मक सुधारों और एनटीए के कामकाज में सुधार की मांग वाली याचिकाओं का हिस्सा है।

न्यायालय ने एनटीए को सुधारों की प्रगति का विवरण देने वाला हलफनामा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया ताकि छात्र और अन्य हितधारक उठाए जा रहे कदमों की जांच कर सकें। उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल के संयुक्त सचिव को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कार्यालय का दौरा करने का निर्णय लिया है, ताकि यह जाँचा जा सके कि परीक्षा प्रणाली वास्तव में जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर रही है या नहीं। यह कदम NTA की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस खबर का महत्व इस बात में है कि यह शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर सीधे असर डाल सकता है। यदि NTA की प्रक्रियाएँ सुधरती हैं, तो छात्रों को अधिक भरोसेमंद और न्यायसंगत परीक्षाएँ मिलेंगी, जिससे शिक्षा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।