सत्रह सितंबर से सत्रह अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन
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छत्तीसगढ़ सहित देशभर में सत्रह सितंबर से सत्रह अक्टूबर तक ‘‘देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान’’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर में प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। उपमुख्यमंत्री ने अभियान में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘पच्चीस करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ सहित विभिन्न गतिविधियांे पर चर्चा हुई। अभियान का समापन सत्रह अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ - पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ प्रस्तावित है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोगों से ‘सेवा संकल्प अभियान’ से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने लोगों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस सत्रह सितंबर की शाम सात बजे हर घर में ‘आषीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सत्रह सितंबर से सत्रह अक्टूबर तक चलने वाला ‘देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य है कि सरकार और नागरिक मिलकर समाज में सुधार लाएँ। यह अभियान छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में नगर निगमों, आयुक्तों, नगर पालिकाओं और पंचायतों के साथ मिलकर चलाया जाएगा। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और कार्यान्वयन में सुधार की उम्मीद है। यदि अभियान सफल होता है तो आम जनता को बेहतर सार्वजनिक सेवाएँ, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकती हैं, जिससे जीवन स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
सेवा संकल्प अभियान हमें याद दिलाता है कि समाज में बदलाव के लिये हर व्यक्ति का योगदान ज़रूरी है। जब हम मिलकर स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य के कार्य करते हैं, तो हम न केवल अपनी ज़िंदगी बेहतर बनाते हैं बल्कि दूसरों की भी मदद करते हैं। यह पहल हमें सिखाती है कि सहानुभूति, सहयोग और जिम्मेदारी से हम किसी भी सामाजिक चुनौती का सामना कर सकते हैं। आइए, इस अभियान को अपनाकर समाज को एकजुट और समृद्ध बनाएं।