सट्टेबाजी मामला: पिता, पत्नी से बच्चों तक, मोहम्मद रिजवान से पूछे गए 5 पन्नों के सवाल
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दशकों तक मैच फिक्सिंग स्कैंडल का दंश झेलने के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट पर सट्टेबाजी का नया दंश लगा है.
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए का आरोप लगा है. आरोप की जांच पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (NCCIA) कर रही है.
साथ ही इस कड़ी में 8 सितंबर को NCCIA ने मोहम्मद रिजवान को नोटिस भी जारी किया था. उनसे 5 पन्नों के सवाल भी पूछे गए.
नोटिस में लाहौर के साइबर क्राइम सेंटर के सब इंस्पेक्टर तनवीर हुसैन की तरफ कहा गया की वो पाकिस्तानी क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टे और जुएं की जांच कर रहे हैं ऐसे में मोहम्मद रिजवान अपना बयान दर्ज करवाने के लिये 10 सितंबर को पेश हो.
एबीपी न्यूज के पास मुहम्मद रिजवान को सौंपी गई नोटिस की आधिकारिक कॉपी भी मौजूद है.
पिता, पत्नी से बच्चों तक रिजवान से पूछे गए सख्त सवाल
जानकारी के मुताबिक नोटिस के साथ साथ मोहम्मद रिजवान को 5 पन्ने के सवाल भी भेजे गए थे जिसमे रिजवान से पिछले पांच वर्षों के दौरान वेतन के स्रोत, किराए से होने वाली आय, कारोबारी आय और कृषि आय की जानकारी मांगी गई है.
साथ ही मोहम्मद रिजवान से बैंक में जमा रकम पर मिलने वाले मुनाफे की जानकारी भी मांगी गई है.
मोहम्मद रिजवान से पिछले पांच वर्षों में किए गए घरेलू खर्च और बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च का ब्योरा भी मांगा गया है.
साथ ही विरासत में मिली संपत्ति की जानकारी भी मांगी गई है और पूछा गया है कि विरासत की संपत्ति उन्हें किससे मिली और इसका प्रमाण भी उपलब्ध कराया जाए.
5 पन्ने के सवालों में मोहम्मद रिजवान से पिछले पांच वर्षों के दौरान संपत्ति की खरीद और बिक्री का पूरा ब्योरा मांगा गया है साथ ही अंतरराष्ट्रीय दौरों, उन पर हुए खर्च और ठहरने की अवधि की जानकारी भी मांगी गई है.
रिजवान से ये भी पूछा गया है कि क्रिकेटर ने देश के अंदर कितना सफर किया और पिछले पांच वर्षों के दौरान इस्तेमाल किए गए सभी बैंक खातो
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
पाकिस्तान के प्रमुख क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के आरोप लगे हैं, जिसे राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (NCCIA) ने जांच के दायरे में लिया है। यह मामला देश के क्रिकेट इतिहास में एक और काली पन्ना जोड़ता है, क्योंकि पहले भी मैच फिक्सिंग के कई मामलों ने खेल की विश्वसनीयता को धूमिल किया है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खेल की अखंडता और खिलाड़ियों के नैतिक मानदंडों पर सवाल उठाती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि क्रिकेट प्रशंसकों का भरोसा घटे, निवेशकों और