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सऊदी अरब ने बंद की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन, रियाद और मदीना में हमलों के बाद उठाया कदम

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सऊदी अरब ने बंद की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन, रियाद और मदीना में हमलों के बाद उठाया कदम

Saudi Arabia: सऊदी अरब के अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को बंद कर दिया है. सऊरी ऊर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी.

मंत्रालय ने कहा कि एक दिन पहले हुए हमले के बाद उसने देश भर में फैली एक बड़ी तेल पाइपलाइन को बंद कर दिया है. हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया कि हमले किसने किए.

लेकिन ऊर्जा मंत्रालय ने ये जरूर कहा कि पाइपलाइन को बंद करने का फैसला एहतियाती तौर पर लिया गया है.

गुरुवार को हुआ था पाइपलाइन पर हमला ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार (10 सितंबर, 2026) सुबह रियाद और मदीना इलाकों में ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर कई हमले हुए. एहतियात के तौर पर पाइपलाइन को बंद कर दिया गया.

इन हमलों में कई लोग घायल हुए और प्रभावित लोगों को मेडिकल मदद दी गई.

सूत्रों ने बताया कि हमलों के तुरंत बाद इमरजेंसी और स्पेशलाइज़्ड टेक्निकल टीमें हरकत में आ गईं.

उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर, मंजूरशुदा सुरक्षा प्रक्रियाओं और इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान के अनुसार पाइपलाइन को सुरक्षित करने और उसकी सुरक्षा का आकलन करने के लिए जरूरी कदम उठाए. 1980 के दशक में बनाई गई थी ये पाइपलाइन बता दें कि 1980 के दशक में बनाई गई ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने सऊदी अरब के लिए तेल का निर्यात जारी रखने में अहम भूमिका निभाई है, खासकर तब जब ईरान की अमेरिका और इजरायल के साथ लड़ाई के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया.

यह शटडाउन ऐसे समय में हुआ है जब यमन में हूथी विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास तटीय इलाके पर कब्जा कर लिया है, जिससे एक अहम शिपिंग रूट से सऊदी तेल निर्यात पर खतरा पैदा हो गया है.

पेरिम द्वीप पर हूती लड़ाकों ने किया कब्जा बता दें कि इससे पहले यमन में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास पेरिम द्वीप पर ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने कब्जा कर लिया.

ऐसा माना जा रहा है कि पेरिम द्वीप पर कब्जे के बाद अब हूती लड़ाके दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक बाब-अल-मंदेब से भी आवागमन को बाधित कर सकते हैं.

बता दें कि पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका है, हालांकि ईरान ने इसके लिए हूती लड़ाकों की तारीफ की थी.

बता दें कि लाल सागर से गुजरने पर लगी रोक के चलते दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब की आपूर्ति घटकर बीते 30 सालों के सबसे निचले स्तर पर आ गई है. वहीं ईरान ने सऊदी अरब और हूती के बीच वार्ता पर जोर दिया है.

ईरान ने कहा है कि सऊदी अरब के निर्यात के लिए लाल सागर का जलमार्ग खुलना चाहिए.

बता दें कि पेरिम द्वीप पर हूतियों के कब्जे से अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध में ईरान का पलड़ा थोड़ा भारी हो गया है. खबर अभी अपडेट हो रही है...

📡 स्रोत: NewsData.io

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