Saudi Arabia ने हूतियों पर दागी मेड इन चाइना मिसाइल, यमन के रेगिस्तान में ही जा गिरी
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सऊदी अरब ने यमन में चीन में बनी DF-15A बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की हो सकती है, क्योंकि मारिब प्रांत में मिसाइल के बूस्टर का मलबा मिलने की बात सामने आई है। खबरों के मुताबिक, यह मलबा मारिब के राघवान ज़िले में मिला है और ऑनलाइन वायरल हो रही तस्वीरों में मिसाइल के हिस्से पर DF-15A लिखा हुआ दिखाई दे रहा है।
'द वॉर ज़ोन' ने कहा कि ओपन-सोर्स एनालिस्ट्स ने इसकी पहचान DF-15A के तौर पर की है और इसे सऊदी अरब से जोड़ा है, लेकिन साथ ही यह भी साफ़ किया कि न तो मिसाइल की पहचान और न ही इसके मालिकाना हक की पुष्टि हुई है। इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia की पाइपलाइन पर हुए हमले हमारे इलाके से हुए: Iraq यह जानकारी यमन में फिर से बढ़े तनाव के बीच सामने आई है, जहाँ हूथी सेना और सऊदी-समर्थित यमनी सेना के बीच ज़बरदस्त लड़ाई चल रही है।
हूथियों ने सऊदी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं, जबकि रियाद ने हूथी ठिकानों पर हमले बढ़ा दिए हैं। DF-15A चीन की सड़क पर कहीं भी ले जा सकने वाली (रोड-मोबाइल), सॉलिड-फ्यूल वाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। CSIS मिसाइल थ्रेट प्रोजेक्ट के अनुसार, DF-15 सीरीज़ की मिसाइल का लॉन्च वज़न लगभग 6,200 किलोग्राम है और यह 500-750 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकती है।
इसकी रेंज का अनुमान 600-900 किलोमीटर लगाया गया है, हालाँकि सटीक रेंज इसके वैरिएंट और पेलोड के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Yemen में तेज हुआ संघर्ष, हूतियों ने Saudi Arabia पर मिसाइल और ड्रोन दागे इसमें इनर्शियल गाइडेंस सिस्टम का इस्तेमाल होता है और यह ज़बरदस्त धमाका करने वाला वॉरहेड ले जा सकता है।
DF-15 के अलग-अलग वर्शन ऐसे वॉरहेड भी ले जा सकते हैं जो रनवे और मज़बूत ठिकानों को निशाना बनाने के लिए बनाए गए हैं। सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर DF-15A या किसी दूसरी कम दूरी वाली चीनी बैलिस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल की बात नहीं मानी है। हालांकि, पहले की रिपोर्टों में रियाद का संबंध चीनी बैलिस्टिक-मिसाइल सिस्टम से जोड़ा गया है, जिनमें DF-3A (जिसे सऊदी अरब ने 2014 में सबके सामने दिखाया था) और DF-21 (जिसकी सऊदी अरब को बिक्री की खबर तो आई, लेकिन आधिकारिक तौर पर कभी पुष्टि नहीं हुई) शामिल हैं।
इसलिए, अगर DF-15A के मलबे की पहचान और उससे जुड़े होने की पुष्टि हो जाती है, तो इससे सऊदी अरब की पहले से अज्ञात मिसाइल क्षमता का नया संकेत मिल सकता है।
📡 स्रोत: NewsData.io