सऊदी की तेल पाइपलाइन ठप, क्रूड ऑयल संकट से महंगा बिकेगा पेट्रोल-डीजल!
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इस साल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखने को मिली है.
कई राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये के पार बिक रहा है, जिसकी वजह से वाहन चालकों की जेब पर असर पड़ा है.
ऐसे में अगर तेल की सप्लाई में कोई दिक्कत आती है या फिर कच्चे तेल के दाम में और बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल के दाम पर पड़ सकता है.
अब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन बंद कर दी गई है.
बता दें कि ये कदम ड्रोन हमले के बाद उठाया गया है, जिसके बाद कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है?
पाइपलाइन बंद होने से क्या असर पड़ेगा?
दरअसल, सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल निर्यातक देश है.
अगर बात करें इस पाइपलाइन की तो यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल की सप्लाई रुकने पर इसके जरिए तेल दूसरे रास्ते से भेजा जा सकता है.
40 से 50 लाख बैरल तेल की सप्लाई हुई
पिछले कुछ महीनों में इस पाइपलाइन से हर दिन लगभग 40 लाख से 50 लाख बैरल तेल सप्लाई हो रही थी.
यह दुनिया की कुल तेल सप्लाई का लगभग 4 से 5 फीसदी है. ऐसे में अगर पाइपलाइन बंद होने से तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है.
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े सकते हैं?
कच्चे तेल के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर उन देशों पर होता है, जो दूसरे देशों से तेल खरीदते हैं.
अब अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है और वहीं कच्चे तेल महंगा बना रहता है तो आने वाले समय में भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
कितनी है कच्चे तेल की कीमत?
अभी भी कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच चुकी है.
लेकिन एक बात जाननी जरूरी है कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम क
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar