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सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे गिरफ्तार:जंतर-मंतर में जबरन घुसने पर दिल्ली पुलिस का एक्शन; CJP नेता 4 दिन में दूसरी बार अरेस्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे गिरफ्तार:जंतर-मंतर में जबरन घुसने पर दिल्ली पुलिस का एक्शन; CJP नेता 4 दिन में दूसरी बार अरेस्ट

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। करीब 17 घंटे बाद उन्हें रात 3 बजे जाफरपुर कलां थाने से संसद मार्ग थाने लाया गया। CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने X पर बताया कि तीनों पर बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप हैं।

उन्हें सुबह विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने की संभावना है। तीनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। वहां बैरिकेडिंग और सभी गेट बंद होने के बावजूद प्रदर्शनकारी गेट के ऊपर से चढ़कर पहुंचे थे।

इससे पहले 10 अक्टूबर को भी उन्हें हिरासत में लिया गया था। 11 अक्टूबर: 50-50 हजार के मुचलके पर छूटे CJP नेता CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था।

तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी थी, ऐसा कोई काम नहीं करना था, जिससे शांति भंग हो। इसके लिए बॉन्ड साइन करने की बात सामने आई थी।

12 अक्टूबर: जंतर-मंतर पर सरकार ने प्रदर्शन बैन किया दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है। सरकार ने 33 साल पहले जंतर-मंतर को प्रदर्शन की जगह तय किया था। यहीं पर अन्ना आंदोलन, पहलवानों का प्रदर्शन, कॉकरोच पार्टी का धरना हुआ था।

गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए हैं। CJP ने 12 अक्टूबर को ही CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की परमिशन मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया था।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

कांग्रेस के विरोध में जंतर-मंतर में बिना अनुमति प्रवेश करने की कोशिश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के तीन प्रमुख सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह घटना दिल्ली के राजनीतिक माहौल में अस्थिरता और पार्टी के भीतर के विवादों को उजागर करती है। ऐसे गिरफ्तारियों से विपक्षी दलों पर दबाव बढ़ सकता है और चुनावी माहौल में असमंजस पैदा हो सकता है, जिससे आम जनता को राजनीतिक निर्णयों पर विश्वास प्रभावित हो सकता है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

जैसे किसी विवाद को सुलझाने के लिए कानूनी रास्ता चुनते हैं, उसी तरह समाज में शांति और न्याय की राह अपनाना चाहिए। जब भी किसी को गलत कार्य का आरोप लगे, तो उसे सुनने और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने का अधिकार है। हमें सहानुभूति और समझ से भरा समाज बनाना चाहिए, जहाँ हर किसी को अपने अधिकारों के लिए सही मार्गदर्शन मिले।

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