सावन का आखिरी सोमवार, काशी विश्वनाथ में लंबी लाइन:मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा, आज शाम बाबा का रुद्राक्ष श्रृंगार होगा
सावन का आज आखिरी सोमवार है। बाबा काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी है। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में कांवड़िए भी पहुंचे हैं। सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ के कपाट खोले गए।
श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव का जयकारा लगाया, इसी के साथ जलाभिषेक शुरू हुआ। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए। छह द्वारों से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। शाम को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा। अंतिम सोमवार होने के कारण बाबा विश्वनाथ के दरबार में सुबह से ही ज्यादा भीड़ है।
मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। तीन किमी के एरिया को नो व्हिकल जोन घोषित किया गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर बरती जा रही विशेष सतर्कता गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस सतर्क रहने के लिए लगातार अनाउंस कर रही है।
जल पुलिस गंगा में गश्त कर रही है। गहरे पानी में जाने से बचने की अपील कर रही है। कांवड़ रूट पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
काशी विश्वनाथ मंदिर धाम में लॉकर सुविधा बंद है काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने कहा- मंदिर के अंदर सीमित जगह होती है, इसलिए श्रद्धालु जिग जैग लाइन में आएंगे। जगह-जगह पानी की व्यवस्था हैं, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग गर्मी में परेशान न हों। मेडिकल स्टाफ भी मौजूद है।
सबसे अहम बदलाव ये है कि धाम में मौजूद सभी लॉकर सुविधा बंद है। पहले धाम में यह सुविधा थी। भक्त सिर्फ दूध, गंगा जल और फूल, धतूरा आदि अभिषेक के लिए लेकर जा सकेंगे। दूसरे किसी सामान को लेकर अंदज जाने की इजाजत नहीं दी गई है।
काशी विश्वनाथ मंदिर की अपील- लाइन में 8-10 घंटे लग सकते हैं सावन महीने में प्रोटोकॉल दर्शन/विशेष दर्शन की सुविधा नहीं है। ऐसे में किसी प्रकार के प्रलोभन या बहकावे में न आएं।
अगर कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर पैसे मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है, तो उसकी शिकायत पुलिस या मंदिर से जुड़े सेवकों से करें। सावन महीने में विशेष तौर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग लाइन में 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है।
इसलिए श्रद्धालु खाली पेट दर्शन करने के लिए न आएं। स्वास्थ्य का ख्याल रखें। मंदिर में प्रतिबंधित सामान जैसे मोबाइल, इयरफोन, स्मार्ट वॉच, पेन, बैग या धातु की चीजें अपने घर या होटल पर ही छोड़ कर आएं। श्रद्धालु प्लास्टिक के डिब्बे में जल लेकर ना आएं, क्योंकि काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित है।
📡 स्रोत: NewsData.io