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सावन का दूसरा प्रदोष व्रत: तिथि, पूजा विधि और महत्व

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सावन का दूसरा प्रदोष व्रत: तिथि, पूजा विधि और महत्व

सावन मास भगवान शिव के लिए विशेष होता है, और इस दौरान प्रदोष व्रत का महत्व अत्यधिक है। इस वर्ष, सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 25 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। जानें इस दिन की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इस व्रत का महत्व। भक्त इस दिन भगवान शिव और माता गौरी की पूजा करके अपने जीवन की समस्याओं को दूर कर सकते हैं।

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