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SBI के 3897 ग्राहकों का डेटा लीक, लोन एप्लिकेशन और आधार-PAN चोरी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
SBI के 3897 ग्राहकों का डेटा लीक, लोन एप्लिकेशन और आधार-PAN चोरी

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी सामने आने के मामले ने बैंकिंग सेक्टर में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

संदिग्ध साइबर हमले के बाद बैंक अब अपने डिजिटल सिस्टम की कमजोरियों का पता लगाने में जुटा है.

शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों से जुड़े रिकॉर्ड में निजी जानकारियां मिलने की बात सामने आई है.

बैंक यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और इस घटना को अंजाम देने वालों ने सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई.

चेयरमैन सीएस शेट्टी ने क्या कहा?

SBI के चेयरमैन सीएस शेट्टी के अनुसार, बैंक फिलहाल इस घटना की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि साइबर हमलावरों ने बैंक के सिस्टम में सेंध कैसे लगाई और किन तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाया गया. उन्होंने बताया कि मूल कारणों की पहचान करने में अभी कुछ समय लग सकता है.

बैंक की प्राथमिकता डेटा लीक को नियंत्रित करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है.

3,897 ग्राहकों का डेटा आने से बढ़ी चिंता

SBI के मुताबिक, डार्क वेब पर बैंक से जुड़े करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड सामने आए थे.

इनकी शुरुआती जांच के दौरान 3,897 रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें ग्राहकों की पहचान से जुड़ी जानकारियां मौजूद थीं.

हालांकि, बैंक अभी पूरे मामले की जांच कर रहा है और डेटा के स्रोत तथा वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा रहा है.

इस घटना में ग्राहकों की निजी जानकारी के संभावित खुलासे ने डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं.

बैंकिंग सेवाओं पर क्या पड़ा असर?

SBI ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से उसके सामान्य बैंकिंग कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन या सेवाओं की निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. बैंक की सेवाएं पहले की तरह जारी हैं.

इस बीच बैंक ने सितंबर 2026 को स

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

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