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बाल सुधार गृह में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या, मर्डर के आरोप में जेल में बंद नाबालिगों पर आरोप

लेखक: admin अंतिम अपडेट: 14 अगस्त 2026 👁️ 6 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बाल सुधार गृह में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या, मर्डर के आरोप में जेल में बंद नाबालिगों पर आरोप

Security Guard Murder In Juvenile Home: राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में बाल सुधार गृह के सिक्योरिटी गार्ड की हत्या की खबर सामने आई है. इनकी हत्या का आरोप पहले से हत्या के मामले में बंद बाल अपचारियों पर लगा है. पुलिस इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सरकारी ऑब्ज़र्वेशन और जुवेनाइल होम में तैनात 63 साल के एक सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कर दी गई है. यह घटना बुधवार शाम की है. पुलिस ने बताया कि गार्ड को हिरासत में बंद तीन नाबालिगों ने कथित तौर पर लकड़ी के तख्ते से पीट-पीटकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान श्रीगंगानगर की अम्बे विहार कॉलोनी के रहने वाले साहब राम के तौर पर हुई है.आइए जानते हैं पूरी खबर.

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट में पुलिस के मुताबिक बताया गया कि ये तीनों नाबालिग हत्या के दो मामलों और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत एक मामले में जुवेनाइल होम (Juvenile Home) में रखे गए थे. पुलिस सुपरिटेंडेंट हरिशंकर ने बताया कि घटना के समय जुवेनाइल होम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी.

उन्होंने बताया कि साहब राम परिसर के अंदर खराब एयर कूलर को ठीक करने के लिए दूसरे सिक्योरिटी गार्ड से औजार लेने जा रहे थे, तभी तीनों नाबालिगों ने कथित तौर पर पीछे से लकड़ी के तख्ते से उन पर हमला कर दिया. एसपी ने बताया कि उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, वे वहीं गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि हत्या के मकसद का अभी पता नहीं चल पाया है और जांच चल रही है.

वहीं, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए, जबकि पुलिस ने तीनों नाबालिगों से पूछताछ शुरू कर दी है. घटना की जानकारी मिलने के बाद डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. अमित यादव, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सुभाष कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जुवेनाइल होम पहुंचे.उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाल अधिकार विभाग के अधिकारियों से जानकारी मांगी. घटनाक्रम का पता लगाने और यह जानने के लिए कि क्या घटना में कोई और भी शामिल था, परिसर के CCTV फुटेज की जांच की जा रही थी.

बाल अपचारी की बात करें तो यह एक अल्पवयस्क या नाबालिग होते हैं, जिनकी उम्र 7 वर्ष से लेकर 18 वर्ष के बीच की होती है. ये असामाजिक, अनियंत्रित या कानून के विरोध कार्य किए होते हैं या फिर इनके ऐसे आचरण होते हैं. ऐसे बाल अपचारियों को देश के संविधान के तहत जेल की बजाय बाल सुधार गृह में रखा जाता है. इन्हें बाल अपराधी भी कहा जाता है, इनके अपराध में चोरी, हिंसा, कानून को तोड़ना आदि शामिल होता है.

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