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सेमरावल नदी की बाढ़ भयावह, कई गांव जलमग्न; छतों पर फंसे सैकड़ों लोग, सांसद गणेश सिंह ने रेस्क्यू तेज करने की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
सेमरावल नदी की बाढ़ भयावह, कई गांव जलमग्न; छतों पर फंसे सैकड़ों लोग, सांसद गणेश सिंह ने रेस्क्यू तेज करने की मांग

सतना। सेमरावल नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। सतना सांसद गणेश सिंह ने देर रात जारी बयान में हालात को बेहद चिंताजनक बताते हुए प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने की अपील की है।

सांसद के मुताबिक कई गांवों में सैकड़ों लोग अपने घरों की छतों पर फंसे हुए हैं और रेस्क्यू टीम, नाव तथा अन्य संसाधनों की कमी महसूस हो रही है। सांसद गणेश सिंह ने बताया कि वे स्वयं सोहास गांव पहुंचे थे, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों को निकालने के लिए एक रेस्क्यू टीम काम कर रही थी।

इसके बाद उन्होंने कोटर क्षेत्र के इटमा का जायजा लिया, जहां बड़ी संख्या में इलाका जलमग्न होने की स्थिति में है। उनके अनुसार रगौली गांव में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। इसके बाद टिकरी और खमरिया क्षेत्र में भी बाढ़ का असर देखने को मिला।

सांसद ने बताया कि उनके गांव खमरिया में उनके स्वयं के घर में भी चार फीट से अधिक पानी भर गया है। आगे टेढ़गमा में केवट बस्ती और चौधरी समाज की बस्ती के पूरी तरह जलमग्न होने की जानकारी उन्होंने दी। इसके अलावा इटौर, मैनपुरा, अकौना, खोहर, रजरवार और रेहुटा गांवों में भी स्थिति खतरे के निशान तक पहुंचने की बात सांसद ने कही।

गंभीर स्थिति को देखते हुए सांसद ने कहा कि यदि बारिश दोबारा शुरू होती है और नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ तो रात में हालात और भयावह हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रीवा संभाग के कमिश्नर, सतना कलेक्टर और संबंधित एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी गई है।

सांसद ने रेस्क्यू कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम और नावों की संख्या बढ़ाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर लोग घरों की छतों पर फंसे हैं और पानी छत के बेहद करीब पहुंच चुका है। ऐसे में रात के समय बचाव अभियान में अतिरिक्त सतर्कता और संसाधनों की आवश्यकता है।

सांसद के मुताबिक, खमरिया और टेढ़गमा के बीच स्थित पेट्रोल पंप की छत पर रामपाल सिंह, गुड्डू तिवारी सहित चार लोग फंसे हुए हैं। वहीं रेहुटा में राजाराम केवट के अपने परिवार के साथ घर की छत पर फंसे होने की जानकारी भी उन्होंने दी।

उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम मैके क्षेत्र में खमरिया एवं टेढ़गमा के पास पहुंच चुकी है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।

सांसद गणेश सिंह ने प्रशासन से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसे प्रत्येक व्यक्ति तक तत्काल राहत और बचाव दल पहुंचाया जाए तथा नाव, एनडीआरएफ टीम और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण है और रात में जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए बचाव कार्य में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।