सेरेब्रल पाल्सी की समय पर पहचान जरूरी: आर.एन. सेहरा
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सेरेब्रल पाल्सी दिवस पर जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक आर.एन. सेहरा ने अभिभावकों से बच्चों के विकास पर विशेष नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकासात्मक पड़ावों में देरी या शारीरिक गतिविधियों में अंतर दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
जयपुर, 6 अक्टूबर। सेरेब्रल पाल्सी दिवस के अवसर पर बच्चों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता और समय पर पहचान को लेकर जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक आर.एन. सेहरा ने अभिभावकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों के सामान्य विकास पर नियमित नजर रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी असामान्यता की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।
आर.एन. सेहरा ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी गर्भावस्था के दौरान विभिन्न कारणों, जन्म के समय आई परेशानी या जन्म के बाद मस्तिष्क में संक्रमण अथवा चोट जैसी स्थितियों के कारण हो सकती है। कुछ मामलों में इसके पीछे आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों में उम्र के अनुसार कुछ सामान्य विकासात्मक पड़ाव अपेक्षित होते हैं। करीब छह सप्ताह में सोशल स्माइल, चार से पांच महीने में गर्दन संभालना, पांच से आठ महीने में बैठने का प्रयास और लगभग एक वर्ष की उम्र में चलना जैसी गतिविधियां सामान्य विकास का हिस्सा हैं।
यदि बच्चा अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में इन विकासात्मक पड़ावों को हासिल नहीं कर रहा है या उसके व्यवहार एवं शारीरिक गतिविधियों में अंतर नजर आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण सेरेब्रल पाल्सी या किसी अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि जेके लोन अस्पताल में सेरेब्रल पाल्सी और अन्य न्यूरोलॉजिकल डिसएबिलिटी से जुड़े करीब 21 हजार मरीज पंजीकृत हैं। अस्पताल में सप्ताह में चार दिन सेरेब्रल पाल्सी क्लीनिक संचालित किया जाता है। यहां पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी से जुड़े दो चिकित्सक मरीजों को उपचार और परामर्श प्रदान करते हैं तथा प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीजों को देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान और उपचार की शुरुआत से बच्चों की स्थिति में सुधार लाने और उनके विकास में मदद मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में अभिभावकों की जागरूकता और सतर्कता बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
बाइट - R N सेहरा, अधीक्षक, जेके लोन हॉस्पिटल