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सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर करना शर्मनाक, कांग्रेस सरकार संवेदनहीन: डॉ. राजीव बिंदल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

अगस्त 01, शिमला (हिमाचल प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश का लगभग हर वर्ग वर्तमान सरकार की कार्यशैली से परेशान है।

सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की है, जिन्होंने अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में लगाए और आज अपने ही अधिकारों एवं लंबित वित्तीय लाभों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं।

डॉ. बिंदल ने कहा कि 70, 75, 80 और यहां तक कि 90 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को अपने पेंशनरी लाभों के लिए घरों से निकलकर धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। यह प्रदेश सरकार के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक प्रदेश की सेवा की, उन्हें जीवन के इस पड़ाव पर अपने अधिकारों के लिए सरकार से संघर्ष करना पड़ रहा है, लेकिन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि धर्मशाला में करीब 8,000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विधानसभा का घेराव किया, प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार धरने-प्रदर्शन हुए और अब हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी शिमला पहुंचकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा सहित प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से बुजुर्ग कर्मचारी शिमला पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल बयानबाजी और जनता को गुमराह करने में लगी हुई है।

कर्मचारियों की वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाले वित्तीय अधिकारों को लंबित रखना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशनरी बेनिफिट्स, 15 प्रतिशत एरियर, डीए, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, कम्यूटेशन तथा पे एरियर जैसे अनेक वित्तीय लाभ लंबित हैं।

इन देनदारियों के जमा होते जाने से प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही मेडिकल बिलों की रिइम्बर्समेंट को लेकर भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में लगभग 1.85 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और सरकार को उनके अधिकारों एवं समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा सेवाकाल हिमाचल प्रदेश के विकास और जनता की सेवा में लगाया, उनके जायज वित्तीय लाभों को समय पर देना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि सेवानिवृत्त कर्मचारी सरकार से कोई उपकार नहीं मांग रहे, बल्कि अपनी सेवा के बदले मिलने वाले अधिकार मांग रहे हैं। बुजुर्गों को बार-बार सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करना सरकार की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ कांग्रेस सरकार द्वारा किए जा रहे व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करती है और उनके संघर्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।