शब्दयात्री: कबीर को समझना है, तो पहले इस विद्वान को जानिए | आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

हजारी प्रसाद द्विवेदी से पहले कबीर सिर्फ एक संत माने जाते थे। इस विद्वान ने बताया कि कबीर आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे। 'कबीर' से लेकर 'बाणभट्ट की आत्मकथा' तक, उनका काम आज भी हिंदी साहित्य की सबसे बड़ी विरासत है।
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