शादी नहीं की तो मेरी बेटी को मार डाला:वाराणसी में M.Sc छात्रा के पिता बोले- वो प्यार नहीं, प्रॉपर्टी चाहता था; खूब ब्लैकमेल किया
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वाराणसी में 22 वर्षीय एम.एससी छात्रा श्रेया उपाध्याय का 20 अगस्त को दोपहर 1.30 बजे उनके मित्र विवेक चौबे के किराए के कमरे के बाथरूम में शव मिला, जिससे एक हत्या का मामला सामने आया। श्रेया को उसके घर से निकलते समय फोन नहीं उठाया, और उसके बाद वह कभी नहीं लौटी, जिससे परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
श्रेया की माँ रीता उपाध्याय का कहना है कि उनके पुत्री को विवेक चौबे ने लगातार ब्लैकमेल किया और शादी के लिए दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि विवेक ने श्रेया की शादी की योजना को रोकने के लिए उनकी प्रॉपर्टी पर नजर रखी और जब श्रेया ने शादी से इनकार किया तो उसे मार डाला।
श्रेया के पिता सुनील उपाध्याय ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले विवेक ने शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे श्रेया ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया था। परिवार ने विवेक और उसके रिश्तेदारों को समझाने की कोशिश की, परंतु विवेक ने लगातार दबाव और धमकी जारी रखी।
श्रेया की हत्या के समय, वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी और उसके बाद वह नहीं मिली। उसके शरीर को विवेक के किराए वाले कमरे के बाथरूम में पाया गया, जहाँ दरवाजा बाहर से बंद था। शव मिलने के बाद परिवार ने बताया कि विवेक ने श्रेया को अपने कमरे में ले जाकर हत्या की।
परिवार के अनुसार, विवेक ने श्रेया की माँ को "मैं भी देखूँगा कैसे शादी होती है" जैसी धमकी दी थी और वह अपने इच्छानुसार शादी करवाने के लिए हिंसक उपाय अपनाया। श्रेया की बुआ ने भी कहा कि विवेक ने श्रेया के पिता को जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस ने प्रारम्भिक जांच में बताया कि दोनों पक्ष बालिग हैं, इसलिए कमरे का ताला तोड़ने का अधिकार नहीं है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने ताला नहीं तोड़ा और इस कारण से विवेक को फरार होने का मौका मिला।
श्रेया के चचेरे भाई अंशुमान उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने 18 अगस्त को शाम को श्रेया के फोन की लोकेशन प्राप्त की, जो बच्छांव इलाके में थी, जहाँ विवेक का किराए का कमरा स्थित था। उन्होंने स्वयं उस स्थान पर जाकर जांच की, परन्तु कोई संकेत नहीं मिला।
पुलिस ने बताया कि उन्होंने मौके पर दोबारा पहुंचकर ताले को नहीं तोड़ा क्योंकि उन्हें लगता है कि यह कानूनी प्रक्रिया के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि आगे की जांच में मोबाइल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और संभावित साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे।
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरा शोक और असंतोष उत्पन्न किया। कई ग्रामीण परिवार के घर पहुंचे और सांत्वना देने की कोशिश की, जबकि कुछ ने पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए। इस हत्या ने सामाजिक स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा और बलात्कार के मामलों में न्याय की मांग को और तीव्र कर दिया है।
अभी तक विवेक चौबे को गिरफ्तार नहीं किया गया है, और मामले की आगे की जांच जारी है। परिवार ने न्याय की अपील की है और कहा है कि आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। न्यायालय में आगे के सुनवाई की प्रतीक्षा के साथ, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पर नज़र रखी जाएगी।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
श्रेया की मौत हमें यह सिखाती है कि प्रेम और विश्वास के बिना कोई भी संबंध अस्थिर है। जब विवाद उत्पन्न हों तो कानूनी मार्ग, मध्यस्थता या मनोवैज्ञानिक सहायता का सहारा लें, न कि हिंसा। समाज को चाहिए कि युवा वर्ग को संवाद कौशल और संघर्ष समाधान की शिक्षा मिले, ताकि भावनात्मक दबाव से निपटने के लिए स्वस्थ विकल्प उपलब्ध हों। हर जीवन अनमोल है; हमें एक-दूसरे के साथ सहानुभूति और सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।