शाह बोले- देश कोई धर्मशाला नहीं:सिर्फ नागरिकों रहने का अधिकार, घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए खतरा

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। देश में रहने का अधिकार केवल नागरिकों को है। शाह ने इंटेलिजेंस ब्यूरो की नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज (NSS) कॉन्फ्रेंस में कहा- घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय बदलाव के लिए खतरा हैं।
हमारा लक्ष्य बहुत कम समय में देश को घुसपैठियों से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीनों में सभी बॉर्डर स्टेट का दौरा किया है। उन्होंने इन राज्यों के साथ सीमा सुरक्षा के लिए चार-तरफा रणनीति से जुड़ा एक दस्तावेज साझा किया।
शाह ने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने, उसके 360 डिग्री नेटवर्क को तोड़ने के लिए PRAHAR रणनीति को रोज की कार्रवाई में उतारने की बात कही। खबर को अपडेट किया जा रहा है।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar