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शाह बोले- नक्सलवाद के बाद नशा भी खत्म करेंगे:रेड कॉरिडोर की कल्पना करने वालों ने हथियार डाले; नॉर्थईस्ट में 10000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शाह बोले- नक्सलवाद के बाद नशा भी खत्म करेंगे:रेड कॉरिडोर की कल्पना करने वालों ने हथियार डाले; नॉर्थईस्ट में 10000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को गोवा में कहा कि सरकार ने नक्सलवाद खत्म कर दिया है। अब नशीले पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि, “नक्सलवाद के बाद नशीले पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटेंगे। जिन्होंने तिरुपति से पशुपतिनाथ तक रेड कॉरिडोर की कल्पना की थी, उन्होंने अब अपने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।” दरअसल, अमित शाह गोवा के दौरे पर हैं।

इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए ये बयान दिया। कहा- देश नशा मुक्त भारत का समर्थन करेगा, 3 बातें… 3 साल का अभियान: अमित शाह ने कहा- पूरा देश नशा मुक्त भारत के तीन साल के अभियान का समर्थन करेगा। आज आपसे बात करने का उद्देश्य गोवा के पूरे मीडिया से यह अनुरोध करना भी है कि भारत को नशा मुक्त बनाने के इस लक्ष्य को हासिल करने में हमारी मदद करें।

1 करोड़ किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त: उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक कांग्रेस शासन के दौरान, 26 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे। जबकि, 2014 और 2026 के बीच, यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 19 लाख किलोग्राम से अधिक हो गया। 1 लाख नशामुक्ती मित्र तैयार किए जाएंगे: गृह मंत्री ने कहा कि अभियान 50 करोड़ नागरिकों तक पहुंचेगा।

अभी हाल ही में, प्रधानमंत्री ने एक ही कार्यक्रम में 1 करोड़ युवाओं के साथ बातचीत की। हम 1 लाख 'नशामुक्ति मित्रों' को प्रशिक्षित करने जा रहे हैं पीएम ने कहा था- भारत में ड्रग्स सप्लाई आतंकी साजिश का हिस्सा पीएम मोदी ने 2 अगस्त को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ लॉन्च किया।

उन्होंने कहा था कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का हिस्सा है। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा था- दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं। इस साजिश को मिलकर नाकाम करना होगा। भास्कर नॉलेज | नशे का आतंकवाद से कनेक्शन सवालः नार्को-टेररिज्म क्या है?

जवाबः जब ड्रग्स बेचकर कमाए गए पैसे का इस्तेमाल आतंक फैलाने, हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियां चलाने में होता है, तो इसे नार्को-टेररिज्म कहा जाता है। सवालः नशा फैलाने में पाकिस्तान का नाम क्यों आता है?

जवाबः पंजाब और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सीमा से हेरोइन और दूसरे नशे की तस्करी बड़ी चुनौती है। ड्रोन और सीमा पार नेट

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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