शहडोल में 100 आदिवासी महिला कृषकों को मुर्गी पालन का प्रशिक्षण, स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने की पहल
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शहडोल। आदिवासी महिला कृषकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहडोल में मुर्गी पालन प्रशिक्षण एवं सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल और कृषि विज्ञान केंद्र, शहडोल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 से 28 अक्टूबर तक चला।
इसमें करीब 100 जनजातीय महिलाओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को वैज्ञानिक तरीके से मुर्गी पालन करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुर्गियों के उचित पोषण, रोग नियंत्रण, जैव-सुरक्षा और फार्म प्रबंधन के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को मुर्गी पालन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराकर इस गतिविधि को आय का बेहतर माध्यम बनाने के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं को गैम्बैग, बरसीम बीज, गार्डन रेक, दस्ताने और बाल्टियां सहित उपयोगी सामग्री वितरित की गई। इससे महिलाओं को कृषि एवं संबंधित गतिविधियों में सहयोग मिलने के साथ मुर्गी पालन के कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने मुर्गी पालन को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में आय बढ़ाने तथा स्वरोजगार के अवसर विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
उन्होंने महिलाओं को वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करने और पशुओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। इस पहल के माध्यम से जनजातीय महिला कृषकों के कौशल विकास, आजीविका के अवसरों के विस्तार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
----- शहडोल में आदिवासी महिला कृषकों के लिए मुर्गी पालन प्रशिक्षण आयोजित
26 से 28 अक्टूबर तक चले प्रशिक्षण में करीब 100 महिलाओं ने लिया भाग
वैज्ञानिक मुर्गी पालन, पोषण और रोग नियंत्रण की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के समापन पर महिलाओं को उपयोगी सामग्री वितरित
मुर्गी पालन से आय और स्वरोजगार बढ़ाने पर विशेषज्ञों ने दिया जोर