शहडोल: कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, बच्चों के साथ दिखा आत्मीय और सहज अंदाज

शहडोल। ग्राम पंचायत कर्री स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर पार्थ जायसवाल का बच्चों के प्रति आत्मीय और सहज अंदाज देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुछ समय बच्चों के बीच बैठे और उनसे बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।
बच्चों से संवाद के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में लगे चार्ट की ओर इशारा करते हुए उस पर बने भैंस के चित्र को दिखाकर बच्चों से पूछा कि यह क्या है। कलेक्टर के सवाल पर बच्चों ने अपनी स्थानीय भाषा में जवाब दिया कि यह "पड़ा" है।
यह बात जब उन्हें समझ में नहीं आई तो पास ही खड़े लोगों ने बताया कि स्थानीय बोली में भैंस के बच्चे को पड़ा बोला जाता है, जिसे सुनकर कलेक्टर भी मुस्कुरा उठे। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों को बताया कि इसे ‘भैंस’ कहते हैं। बच्चों और कलेक्टर के बीच हुए इस सहज संवाद से आंगनबाड़ी केंद्र का माहौल खुशनुमा हो गया।
कलेक्टर ने बच्चों से इसी तरह बातचीत करते हुए उनकी सीखने की क्षमता और सामान्य ज्ञान को परखा तथा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बच्चों से आंगनबाड़ी में होने वाली प्रार्थना तथा अक्षर ज्ञान, चित्र के माध्यम से फल, सब्जियों एवं पशुओं के नाम की भी जानकारी ली, जिस पर बच्चों द्वारा सभी प्रश्नों के सकारात्मक उत्तर दिए गए। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के वजन एवं लंबाई की भी माप कराई तथा पंजी में दर्ज वजन एवं माप का निरीक्षण किया।
कलेक्टर पार्थ जायसवाल का बच्चों के साथ यह आत्मीय संवाद न केवल बच्चों के लिए उत्साहजनक रहा, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र में सीखने और संवाद के माहौल को भी सहज एवं आनंदमय बना गया।
इसके अलावा उन्होंने प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के 500 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में एलईडी टीवी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर प्यूरीफायर तथा पोषण आहार में सब्जी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु बनाई गई पोषण वाटिका का भी निरीक्षण किया।