व्यापार

शहडोल में वन तुलसी बनी ग्रामीणों की अतिरिक्त आय का जरिया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शहडोल में वन तुलसी बनी ग्रामीणों की अतिरिक्त आय का जरिया

औषधीय मांग बढ़ने से 70 से 80 रुपये किलो तक मिल रहा भाव

करीब 100 टन वन तुलसी की मांग, संग्रहण को दिया जा रहा बढ़ावा

शहडोल, अक्टूबर 01: जिले के वन क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली वन तुलसी ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन रही है। औषधीय महत्व के कारण बाजार में इसकी मांग बढ़ी है और इसकी पत्तियां 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक खरीदी जा रही हैं। वन उपज व्यापारी प्रदीप सिंह बघेल के अनुसार वर्तमान में करीब 100 टन वन तुलसी की मांग है। ग्रामीणों को इसके संग्रह और उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अंकित नामदेव के अनुसार वन तुलसी का उपयोग पारंपरिक रूप से त्वचा संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न औषधीय प्रयोजनों में किया जाता है।

-------

बाइट अमिता गूजर, सहायक संचालक उद्यान, जिला शहडोल

बाइट प्रदीप सिंह बघेल, संचालक, कृषि उद्योग

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।