शाहजहांपुर में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को दी गयी श्रद्धांजलि
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शाहजहांपुर में रिजर्व पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर स्मृति परेड एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने परेड की सलामी ग्रहण की। इस दौरान कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन किया गया।
इसके बाद उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया। इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को याद करते हुए उनके बलिदान को नमन किया गया। पुलिस स्मृति दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, सभी क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक, थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
शाहजहांपुर में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस बल के वीर बलिदानों को याद करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से किया गया। इस खबर का महत्व इस बात में है कि यह समाज में पुलिस के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को बढ़ाता है तथा नागरिकों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। ऐसे कार्यक्रम से आम जनता में सुरक्षा के प्रति भरोसा बढ़ता है और पुलिस-नागरिक संबंधों को मजबूत किया जाता है, जिससे समाज में शांति और स्थिरता बनी रह
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
शाहजहांपुर में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को अर्पित श्रद्धांजलि हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा बलों के बलिदान से ही समाज की शांति बनी रहती है। उनके साहस और समर्पण से हम सीखते हैं कि हर नागरिक को कानून और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। जब भी किसी संघर्ष का सामना हो, शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी मार्ग अपनाएँ, ताकि हिंसा की जगह सहानुभूति और न्याय की जगह हो। इस स्मृति पर हम सभी को एकजुट होकर समाज को सुरक्षित और समृद्ध बनाना चाहिए।