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शाहजहांपुर में 2 साधुओं की हत्याकर लाश जलाई:शिव मंदिर में लकड़ी की चिता बनाकर आग लगाई; धुआं उठा तो पता चला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शाहजहांपुर में 2 साधुओं की हत्याकर लाश जलाई:शिव मंदिर में लकड़ी की चिता बनाकर आग लगाई; धुआं उठा तो पता चला

यूपी के शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। इसके बाद मंदिर में ही लकड़ी की चिता बनाकर शवों को जला दिया गया। गुरुवार सुबह 7 बजे गांव वाले मंदिर से धुआं उठता देखकर पहुंचे। एक साधु का शव जल रहा था, जबकि दूसरे का शव जलकर कंकाल बन चुका था। दोनों शव एक-दूसरे से 10 मीटर दूर पड़े थे।

वारदात जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर खुदागंज की है। साधुओं की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर में रहते थे। गांव वालों ने बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह साधुओं को भगाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहता था।

दोनों साधु इसका विरोध कर रहे थे। पुलिस ने प्रदीप को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- गांव के लोगों ने बताया- अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले साधु गोपाल दास (70) कथावाचक थे। वह करीब 20 साल से मंदिर में रह रहे थे, जबकि बिहारी दास (60) हमारे ही गांव के रहने वाले थे।

पहले बिहारी दास सूथा गांव के ही ठाकुर जी मंदिर में रहते थे। एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने। इसके बाद दोनों शिव मंदिर में रहने लगे थे। मृतक गोपालदास चार भाईयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई रामदुलारे, रामकिशोर औद रामनिवास हैं। सभी मंदिर से 15 किमी दूर अजीजगंज मोहल्ले में रहते हैं।

रामदुलारे ने बताया कि गोपालदास की पत्नी विज्जावति की 25 साल पहले मौत हो गई थी। बेटी सरस्वती की शादी हो चुकी है। पत्नी की मौत के बाद वह घर से चले गए थे और मंदिर की देखरेख कर रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले घर आए थे और कहा था कि वह गया जी जाना चाहते हैं। 5 दिन पहले गया जी जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में चोट लगने की वजह से लौट आए।

मंदिर में सफाई करने वाला बोला- मंदिर पहुंचा तो शव जलते मिले मंदिर में साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने बताया- सुबह 7 बजे मंदिर पहुंचा तो शव जलते मिले। रात में उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। बुधवार दोपहर 3 बजे उनसे आखिरी बार मिला था। इसके बाद मैं घर चला आया था। एक महीने पहले ही जेल से छूटा है सुमित गांव में ही रहने वाले बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह ने बताया- पास में ही रहने वाले सुमित ने हत्या की है।

उसने कई बार इन पर हमला

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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