शाहजहांपुर में सो रही महिला को सांप ने डंसा:झाड़-फूंक के बाद इलाज कराने पहुंचे, अस्पताल पहुंचते ही तोड़ा दम
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →शाहजहांपुर में बुधवार रात घर में सो रही महिला को सांप ने डस लिया। परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। करीब एक घंटे तक देसी इलाज कराने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद महिला को सीएचसी ले जाया गया, जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना परशुरामपुरी थाना क्षेत्र के याकूबपुर मोहल्ले की है। किरन अपने पति आकाश और बच्चों के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 12 बजे उसके हाथ की उंगली पर किसी जीव ने काट लिया। उसकी चीख सुनकर पति, देवर और परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
बिस्तर की जांच करने पर उसमें सांप मिला, जिसे परिवार वालों ने मार दिया। बिस्तर में मिला सांप, परिवार ने मार डाला किरन की चीख सुनकर परिजन उसके पास पहुंचे तो बिस्तर में सांप दिखाई दिया। परिवार के सदस्यों ने सांप को मार दिया। इसके बाद किरन को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन दूसरे गांव में झाड़-फूंक करने वाले के पास लेकर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक झाड़-फूंक करने वाले ने करीब एक घंटे तक किरन का देसी इलाज किया। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे सीएचसी परशुरामपुरी लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत बताया राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने किरन को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी है। महिला के मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है, जो फर्रुखाबाद में रहता है। परशुरामपुरी प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि अस्पताल से मेमो मिला है। महिला को सांप ने डसा था, जिससे उसकी मौत हुई।
शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
साँप के काटने से हुई इस दुखद घटना में हमें यह सिखने को मिलता है कि पारंपरिक उपायों के बजाय त्वरित चिकित्सा सहायता ज़रूरी है। परिवार को चाहिए कि वे समय पर डॉक्टर से संपर्क करें, न कि झाड़-फूंक पर निर्भर रहें। यह अनुभव हमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।