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शहरी, अर्धशहरी और प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बनेगा प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 24 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शहरी, अर्धशहरी और प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बनेगा प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल

24 अक्तूबर 2026, देहरादून: राज्य में ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, राज्य स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (शहरी विभाग) की बैठक में स्वच्छ उत्तराखंड मिशन 2026-2030 की कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा का आयोजन हुआ।

मुख्य सचिव ने इस दौरान शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों के साथ अधिक पर्यटकों की आवाजाही वाले ग्रामीण पर्यटन स्थलों पर कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नए नियमों के अनुपालन के लिए व्यापक और व्यावहारिक कार्ययोजना तथा नियमावली तैयार करने को कहा। इसमें निजी संस्थानों, औद्योगिक संगठनों और अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने को भी कहा गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि संबंधित शहरी निकायों, ग्राम पंचायतों और अन्य क्रियान्वयन संस्थाओं की भूमिका तय करते हुए ऐसा मॉडल विकसित किया जाए, जिसे प्रदेशभर में लागू किया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियमों के अनुपालन के लिए शहरी निकायों, ग्राम पंचायतों और अन्य संबंधित संस्थाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।