शैक्षणिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों को करें जागरूक: डीसी
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नशामुक्ति केंद्रों से उपचार के बाद युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर दिया जोर
सितंबर 21, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): जिला मुख्यालय के बचत भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में जिला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के शैक्षणिक संस्थानों में चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में बच्चों और युवाओं को नियमित रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में इस विषय पर अधिक से अधिक चर्चा और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि विद्यार्थी नशे के दुष्परिणामों को समझें और इससे दूर रहने के लिए प्रेरित हों।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को नशे की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों तथा रेड जोन में आने वाली पंचायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों, युवा क्लबों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को साथ लेकर जागरूकता गतिविधियों को और बढ़ाया जाए, ताकि नशे के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर मजबूत वातावरण तैयार किया जा सके।
उपायुक्त ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को नशामुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए आने वाले युवाओं के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपचार के बाद युवाओं को विभिन्न कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से जोड़ने तथा उनके लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी देने की दिशा में कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि नशे की लत से बाहर निकल चुके युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। बैठक में जिला में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक की गई गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अभियान के तहत जिला में अब तक 2,30,321 लोगों तक पहुंच बनाई गई है, जिसमें 1,26,676 युवा और 1,03,645 महिलाएं शामिल हैं।
जिला के 279 शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इसके अलावा 1,259 गतिविधियां, 112 युवा क्लबों तथा 150 महिला समूहों एवं स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अभियान के तहत जिला में 1,116 मीडिया अभियान, 88,810 ई-शपथ तथा 3,193 ऑफलाइन शपथ भी करवाई गई हैं।
अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए जिला में 50 मास्टर वॉलंटियर्स भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान रैलियों, मैराथन एवं वॉकाथॉन, रंगोली एवं पोस्टर निर्माण, भाषण प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों, शपथ कार्यक्रमों, जाम सेशन, अंतरपीढ़ी संवाद, सेल्फी प्वाइंट, क्विज और कविता जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है।
पुलिस विभाग की ओर से नशे के खिलाफ की जा रही छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई को भी अभियान से जोड़ा गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक सभा के प्रतिनिधियों ने भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग देने की बात कही। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित शिक्षा विभाग, विकास विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
नशे की जंजीरों से मुक्ति केवल उपचार से नहीं, शिक्षा और रोजगार से आती है। जब हम बच्चों को नशे के खतरों के बारे में जागरूक करते हैं, तो हमें उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर समाज में पुनःस्थापित करना चाहिए। इससे न केवल वे अपनी ज़िंदगी बदलते हैं, बल्कि परिवारों और समाज को भी नई उम्मीद मिलती है। हर युवा को यह विश्वास दिलाएँ कि सही मार्गदर्शन और अवसर से वह नशामुक्त, समृद्ध भविष्य बना सकता है।