शाजापुर पुलिस की ऑपरेशन वज्र के तहत कार्रवाई, 6.70 लाख रुपये पीड़ितों को कराए वापस
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शाजापुर। जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए शाजापुर पुलिस द्वारा ऑपरेशन वज्र चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 92 मोबाइल नंबर और 161 IMEI नंबर को संबंधित प्रक्रिया के माध्यम से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के जरिए ब्लॉक कराया है।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और मोबाइल उपकरणों की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित नंबरों और उपकरणों को ब्लॉक कराने की कार्रवाई की गई, ताकि साइबर अपराधी इनका दोबारा ऑनलाइन ठगी और अन्य अपराधों में इस्तेमाल न कर सकें।
साइबर ठगी के पीड़ितों को लौटाई राशि
पुलिस द्वारा सितंबर माह के दौरान साइबर ठगी से संबंधित मामलों में कार्रवाई करते हुए NCRB पोर्टल के माध्यम से ठगी की राशि संबंधित बैंक खातों में होल्ड कराई गई। इसके बाद नियमानुसार न्यायालय के आदेश और MRM पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों को कुल 6 लाख 70 हजार 200 रुपये वापस कराए गए।
साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रियंका शुक्ला ने बताया कि शाजापुर साइबर पुलिस द्वारा साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों का त्वरित परीक्षण किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर ठगी की राशि होल्ड कराने, पीड़ितों को रकम वापस दिलाने और साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके साथ ही चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपरेशन वज्र का उद्देश्य साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बाधित करना और आम नागरिकों को साइबर ठगी एवं अन्य ऑनलाइन अपराधों से सुरक्षित रखना है।
बाइट : श्रीमती प्रियंका शुक्ला, पुलिस अधीक्षक, शाजापुर
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ऑपरेशन वज्र के तहत शाजापुर पुलिस की साइबर अपराधियों पर कार्रवाई
साइबर ठगी में इस्तेमाल 92 मोबाइल नंबर और 161 IMEI नंबर ब्लॉक
पीड़ितों को वापस कराए गए 6 लाख 70 हजार 200 रुपये
💡 पृष्ठभूमि (Background)
शाजापुर पुलिस का ऑपरेशन वज्र साइबर अपराधों से निपटने के लिए चलाया गया एक अभियान है, जिसमें 92 मोबाइल और 161 IMEI नंबर ब्लॉक किए गए। यह कदम ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे अपराधियों की पहुँच सीमित होती है और पीड़ितों को 6.70 लाख रुपये की वसूली में मदद मिलती है। इस पहल से आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और डिजिटल लेनदेन में विश्वास बढ़ेगा, साथ ही अपराधियों के लिए दंडात्मक प्रभाव भी पड़ेगा।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
शाजापुर पुलिस के ऑपरेशन वज्र से साइबर ठगी में 6.70 लाख रुपये की वसूली हुई, यह दिखाता है कि तकनीक के साथ कानून का मिलन समाज को सुरक्षित बना सकता है। हम सभी को चाहिए कि डिजिटल दुनिया में सतर्क रहें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, और यदि धोखाधड़ी का सामना हो तो तुरंत रिपोर्ट करें। इस तरह की सक्रियता से न केवल व्यक्तिगत हित बचते हैं, बल्कि समाज की समग्र सुरक्षा भी बढ़ती है।