राजनीति

शराब यूपी से नहीं, मध्य प्रदेश में ही बन रहा जहर: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शराब यूपी से नहीं, मध्य प्रदेश में ही बन रहा जहर: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार

उज्जैन से सागर तक जहरीली शराब के कारोबार पर सरकार से जवाब मांगा

भोपाल। मध्य प्रदेश में जहरीली शराब के कारोबार को लेकर विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का कहना है कि जहरीली शराब के लिए उत्तर प्रदेश को जिम्मेदार ठहराना वास्तविक समस्या से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

आरोप लगाया गया कि शराब का अवैध और जहरीला कारोबार मध्य प्रदेश में ही चल रहा है, जिसमें भाजपा सरकार, अधिकारियों और शराब माफिया की कथित मिलीभगत की जांच आवश्यक है। विपक्ष ने कहा कि उज्जैन से लेकर सागर तक जहरीली शराब के कारोबार का सिंडीकेट संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं।

ऐसे में सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अवैध शराब का निर्माण और बिक्री किन लोगों के संरक्षण में हो रही है तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका क्या है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि यदि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है, तो प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?

अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? साथ ही, जहरीली शराब के कारण होने वाली मौतों के बाद केवल शोक व्यक्त करने के बजाय जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

विपक्ष ने मांग की कि सरकार जहरीली शराब के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराए और यदि किसी अधिकारी, राजनीतिक व्यक्ति या शराब कारोबारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

विपक्ष ने कहा कि जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शराब के अवैध कारोबार के कारण किसी परिवार को अपने प्रियजन को न खोना पड़े। विपक्ष ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और जनता के सामने तथ्य रखने की मांग की।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर मध्य प्रदेश में अवैध जहरीली शराब के कारोबार पर केंद्र सरकार और विपक्ष की आलोचना को दर्शाती है। 2024 में, उज्जैन से सागर तक के क्षेत्र में शराब के उत्पादन और वितरण पर नियंत्रण की कमी से कई मौतें हुईं, जिससे जनता का भय बढ़ा। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकारी नीतियों की कार्यक्षमता पर सवाल उठते हैं और यह दिखाता है कि शराब नियंत्रण के लिए क्षेत्रीय जिम्मेदारी किस पर है। यदि सरकार इस समस्या का समाधान नहीं करती, तो आम जनता को अधिक जोखिम, स्वास्थ्य हानि और आर्थिक नुकसान का सामना कर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।