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शारदीय नवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शारदीय नवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

जोबनेर, जयपुर,(14 अक्टूबर)। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जयपुर जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वाला माता मंदिर, जोबनेर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। माता के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियां गूंज रही हैं। राजस्थान सहित दिल्ली, मेरठ, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं।

नवरात्रि के चलते मंदिर में सुबह से देर रात तक भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। हरी-भरी प्राकृतिक पहाड़ी पर स्थित ज्वाला माता मंदिर का नजारा नवरात्रि के दौरान देखते ही बनता है। चारों ओर हरियाली और पहाड़ी पर विराजमान माता का भव्य दरबार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। भक्त यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता से प्रार्थना करते हैं।

ज्वाला माता मंदिर की धार्मिक मान्यताएं इसे विशेष पहचान दिलाती हैं। मान्यता है कि यहां माता सती के घुटनों की पूजा की जाती है। मंदिर में माता की पारंपरिक मूर्ति के स्थान पर प्राकृतिक शिला के रूप में पूजा-अर्चना होती है। श्रद्धालुओं के बीच माता को लहंगा अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है।

इन विशेष धार्मिक मान्यताओं के कारण यह शक्तिपीठ भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में माता के दर्शन के साथ लंगूरिया भैरव के दर्शन का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, लंगूरिया भैरव के दर्शन के बिना माता की यात्रा अधूरी मानी जाती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु माता के दर्शन के बाद भैरव बाबा के दरबार में भी शीश नवाते हैं।

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाता है। आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब जाता है। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। भक्त हाथों में नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर में भव्य मेले का आयोजन होता है। वहीं, चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां लक्खी मेला भरता है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की मान्यता है। शारदीय नवरात्रि में भी बड़ी संख्या में भक्तों के आगमन से क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

नवरात्रि के अवसर पर मंदिर को आकर्षक रोशनी, फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। रात के समय रोशनी से जगमगाता मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। मंदिर परिसर में अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए ज्योत लगवा रहे हैं। मेले में प्रसाद, चुनरी, नारियल, खिलौने और अन्य पूजन सामग्री की दुकानें सजी हुई हैं। भक्ति संगीत और माता के जयकारों के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं। कई भक्त भजनों पर झूमते-गाते हुए माता के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने, व्यवस्था में सहयोग करने और धार्मिक आयोजन को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की गई है। शारदीय नवरात्रि के दौरान ज्वाला माता मंदिर में उमड़ रही भीड़ क्षेत्र की धार्मिक आस्था और परंपरा को दर्शा रही है। माता के जयकारों, भक्ति संगीत और जगमगाते मंदिर के बीच जोबनेर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

बाइट01 : कपिल पाराशर,पुजारी

बाइट02 : रविंद्र,श्रद्धालु

बाइट03 : तुलसी यादव,श्रद्धालु

बाइट04 : मनोज,श्रद्धालु

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब एकता और शांति का संदेश देता है। जब भी विवाद उत्पन्न हों, तो संवाद और कानूनी मार्ग अपनाकर समाधान खोजें, न कि हिंसा से। समाज को एकजुट होकर सहानुभूति और परस्पर सम्मान से आगे बढ़ना चाहिए। हर किसी को अपने विश्वास और परंपरा का पालन करते हुए दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए, ताकि हम सभी मिलकर एक शांतिपूर्ण भविष्य बना सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।