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शतायु मतदाताओं का सम्मान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शतायु मतदाताओं का सम्मान

दौसा कलेक्ट्रेट में विश्व वृद्धजन दिवस पर निर्वाचन विभाग की ओर से शतायु मतदाताओं का सम्मान किया गया। दौसा विधानसभा क्षेत्र के 38 शतायु मतदाताओं में से तीन कलेक्ट्रेट पहुंचे, जबकि अन्य का बीएलओ ने घर जाकर सम्मान किया।

दौसा, 1 अक्टूबर। विश्व वृद्धजन दिवस के अवसर पर निर्वाचन विभाग की ओर से दौसा कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अरविंद शर्मा और एसडीएम संजू मीणा मौजूद रहे। इस दौरान दौसा विधानसभा क्षेत्र के शतायु मतदाताओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उन मतदाताओं को कलेक्ट्रेट सभागार में आमंत्रित किया गया, जिन्होंने 100 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। दौसा विधानसभा क्षेत्र में कुल 38 शतायु मतदाता हैं। इनमें से तीन शतायु मतदाता कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनका सम्मान किया।

जो शतायु मतदाता कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, उनके सम्मान के लिए बीएलओ उनके घर पहुंचे। बीएलओ ने घर जाकर शतायु मतदाताओं का सम्मान किया और उन्हें लोकतंत्र में उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शतायु मतदाताओं और अन्य लोगों को मतदान की शपथ भी दिलाई गई। अधिकारियों ने मतदान के महत्व को लेकर जागरूकता का संदेश दिया और पात्र मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।

निर्वाचन विभाग की इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ मतदाताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ मतदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान शतायु मतदाताओं के अनुभव और उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी भी चर्चा का विषय रही।

बाइट - संजू मीणा, एसडीएम दौसा

💡 पृष्ठभूमि (Background)

दौसा कलेक्ट्रेट में विश्व वृद्धजन दिवस पर शतायु मतदाताओं का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वृद्ध नागरिकों के मतदान अधिकार और समाज में उनकी भूमिका को मान्यता देता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह वृद्ध जनसंख्या के राजनीतिक भागीदारी को उजागर करता है और उन्हें सम्मानित करने से उनकी मनोबल और सक्रियता बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह है कि नागरिकों में बुजुर्गों के प्रति सहानुभूति बढ़ेगी, मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज में उम्र के आधार पर भेदभाव कम होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।