अपराध

शातिर चोर चला रहा नाबालिगों की गैंग:यू-ट्यूब देखकर बनाई बच्चों की फौज; चोरी की ट्रेनिंग देता; 18 साल के होते ही निकाल देता था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शातिर चोर चला रहा नाबालिगों की गैंग:यू-ट्यूब देखकर बनाई बच्चों की फौज; चोरी की ट्रेनिंग देता; 18 साल के होते ही निकाल देता था

जबलपुर में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर चोरी की वारदातों के पीछे नाबालिग बच्चों की एक बड़ी गैंग का खुलासा हुआ है। आरपीएफ के मुताबिक, बेलबाग निवासी नीतेश कुमार उर्फ नीतू (40) ने 12 से 16 साल के 50 से 70 बच्चों को गैंग में जोड़ रखा था।

वह गरीब बस्तियों से बच्चों को चुनता, उन्हें करीब दो महीने तक चोरी करने और पकड़े जाने से बचने की ट्रेनिंग देता और फिर ट्रेनों, प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में वारदात के लिए भेजता था।

खास बात यह है कि नीतेश खुद लंबे समय से ट्रेन में चोरी और लूट करता रहा है, लेकिन करीब दो साल पहले पैर खराब होने के बाद उसने बच्चों को अपराध का जरिया बना लिया। आरपीएफ ने सोमवार को उसे गिरफ्तार किया है। नीतेश ने नाबालिग बच्चों की गैंग बनाने और उन्हें चोरी के तरीके सिखाने का आइडिया यू-ट्यूब से लिया था।

वह ऑनलाइन वीडियो देखकर चोरी के अलग-अलग तरीकों की जानकारी जुटाता और फिर बच्चों को अपने तरीके से उसकी ट्रेनिंग देता था। इसके बाद बच्चों को ट्रेनों, प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में यात्रियों के बीच भेजकर चोरी की वारदात कराई जाती थी।

सबसे पहले समझिए, क्या है मामला 17 अगस्त को आरपीएफ ने जबलपुर से आरोपी नीतेश को हिरासत में लिया था। नीतेश कुमार उर्फ नीतू कम उम्र से ही रेलवे में चोरी और लूट की वारदातों में शामिल रहा है। आरपीएफ थाना जबलपुर में उसके खिलाफ 15 से ज्यादा मामले दर्ज बताए गए हैं।

वह चलती ट्रेन में यात्रियों का सामान चुराने के अलावा आउटर पर ट्रेन रुकते ही मोबाइल और अन्य सामान लेकर भाग जाता था। आरपीएफ ने उसे कई बार पकड़ा, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर चोरी में लग जाता था। करीब दो साल पहले उसका दायां पैर खराब हो गया। कुछ समय तक वह स्टेशन के आसपास घूमकर भीख मांगता रहा।

इसके बाद उसने खुद चोरी करने के बजाय नाबालिग बच्चों को इस काम में लगाने का तरीका अपनाया। करीब डेढ़ साल पहले उसने बच्चों की गैंग तैयार करना शुरू की और धीरे-धीरे इसमें 50 से 70 बच्चे जुड़ गए।

गरीब बस्तियों से चुनता था बच्चे आरपीएफ के मुताबिक, नीतेश जबलपुर की स्लम बस्तियों, हनुमानताल, मदार टेकरी, सिद्धबाबा की पहाड़ी और रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को अपने साथ जोड़ता था। कचरा बीनने और सिग्नल के आसपास घूमने वाले बच्चे भी उसके निशाने पर रहते थे।

वह उन्हें रुपए कमाने का लालच देता और फिर चोरी की ट्रेनिंग के लिए अपने साथ ले जाता था। आउटर पर ट्रेन रुकते ही सामान लेकर भागता था नीतेश खुद भी रेलवे में चोरी का पुराना आरोपी है।

आरपीएफ के मुताबिक, उसका एक तरीका यह था कि ट्रेन आउटर पर रुकते ही वह यात्रियों के मोबाइल और सामान पर नजर रखता और मौका मिलते ही उन्हें लेकर भाग जाता था। चलती ट्रेन में यात्रियों का सामान चोरी करने के मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं।

स्टेशन पर करीब 10 साल तक वेंडर का काम करने के कारण उसे प्लेटफॉर्म, ट्रेनों और यात्रियों की गतिविधियों की अच्छी जानकारी थी। पैर खराब होने के बाद उसने इसी अनुभव का इस्तेमाल बच्चों को चोरी की ट्रेनिंग देने में किया। 18 साल होते ही गैंग से निकाल देता नीतेश की गैंग में सिर्फ नाबालिग लड़के रहते थे।

बच्चा जैसे ही 18 साल का होता, उसे गैंग से बाहर कर दिया जाता था। आरपीएफ के मुताबिक, गैंग से निकलने वाले कुछ लड़कों ने बाद में अपनी अलग चोरी की गैंग बना ली। कुछ दिन पहले पकड़े गए हर्ष सिंह ने भी पूछताछ में बताया था कि उसे चोरी की ट्रेनिंग नितेश ने दी थी। हर्ष पर 18 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज बताए गए हैं।

बाद में उसने अपनी अलग गैंग बना ली। नीतेश पर 3 लूट, 8 चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब के मुताबिक, नीतेश पर 3 लूट, 8 चोरी और आर्म्स एक्ट के 3 मामले दर्ज हैं। आरपीएफ और जिला पुलिस पहले भी उसके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। सोमवार को आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार किया।

अधिकारी के मुताबिक, नीतेश के जेल से बाहर आने के बाद फिर चोरी में सक्रिय होने की जानकारी सामने आती रही है। अब पुलिस उसकी गैंग से जुड़े नाबालिगों और उन बच्चों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जो उसके संपर्क में रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें...

30 हजार का इनामी हत्यारा अलमारी में छिपा जबलपुर में 30 हजार रुपए के इनामी बदमाश शेख आदिल (35) को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। दिसंबर 2023 में कुख्यात गैंगस्टर अनिराज नायडू उर्फ अन्ना की हत्या के मामले में आरोपी शेख आदिल एक महीने से भूलन बस्ती के कमरे में छिपा था।

पुलिस की दबिश के दौरान वह अलमारी में छिप गया, जहां से उसे बाहर निकालकर गिरफ्तार किया गया।पूरी खबर पढ़ें

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।