भोपाल

शिक्षा से संस्कार और संस्कार से श्रेष्ठ जीवन का संदेश, संत हिरदाराम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में शिक्षक दिवस समारोह

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शिक्षा से संस्कार और संस्कार से श्रेष्ठ जीवन का संदेश, संत हिरदाराम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में शिक्षक दिवस समारोह

भोपाल, 3 सितंबर 2026। संत हिरदाराम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, भोपाल में शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा, संस्कार और जीवन-मूल्यों को समर्पित गरिमामय समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मसंयम और सकारात्मक जीवन-मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

समारोह में शहीद हेमू कालानी एजुकेशनल सोसायटी एवं जीव सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्रद्धेय श्री सिद्ध भाऊजी, एसएचकेईएस के उपाध्यक्ष श्री हीरो ज्ञानचंदानी, सचिव श्री घनश्याम बुलचंदानी, जीव सेवा संस्थान के सचिव श्री महेश दयारामानी, संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डालिमा पारवानी, संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड योगिक साइंसेज के निदेशक डॉ. आशीष ठाकुर, संत हिरदाराम कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज के प्राचार्य डॉ. अंकेश सिंह, मुख्य अतिथि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. समर बहादुर सिंह और विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के डीन एवं एचओडी मैनेजमेंट प्रो. विवेक शर्मा सहित विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज, संत हिरदाराम कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज तथा संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के विद्यार्थियों के वक्तव्यों से हुआ। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन एवं योगदान को जीवन निर्माण में महत्वपूर्ण बताया।

श्रद्धेय श्री सिद्ध भाऊजी ने अपने उद्बोधन में स्व-अनुशासन को सफलता के लिए आवश्यक बताते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली, आत्मसंयम और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि श्रेष्ठ जीवन-मूल्यों को व्यवहार में उतारने का आधार भी है।

मुख्य अतिथि प्रो. समर बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में कृतज्ञता के भाव को अपनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में मिले अवसरों, मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्ति के व्यक्तित्व को समृद्ध बनाने के साथ उसे संवेदनशील और विनम्र बनाती है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. विवेक शर्मा ने विचार, वाणी और हृदय के संयम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विचारों में सकारात्मकता, वाणी में संयम और मधुरता तथा हृदय में संवेदनशीलता व्यक्ति के व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मनियंत्रण और संतुलित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डालिमा पारवानी ने शिक्षक की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन-मूल्यों, संस्कारों और सही जीवन-दृष्टि का मार्गदर्शन भी करते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। प्राचार्य डॉ. अंकेश सिंह ने अनुशासन और आत्मविश्वास को सफलता की महत्वपूर्ण सीढ़ियां बताते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

वहीं डॉ. आशीष ठाकुर ने शिक्षक-विद्यार्थी संबंध को आत्मीय और महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन-मार्गदर्शन में प्रेरणास्रोत भी होता है। समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

शिक्षक सम्मान के साथ आयोजित कार्यक्रम में गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा, भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों का समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संयम, कृतज्ञता और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य, कार्यालयीन कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। समारोह का समापन शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना के साथ हुआ।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।