शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग पर बोले रमेश के. साहू, युवाओं की आवाज दबाने के बजाय सरकार करे मांगों पर विचार
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इटारसी/नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 एवं वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता रमेश के. साहू एडवोकेट ने प्रदेश सरकार से योग्य एवं बेरोजगार शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को नियुक्ति की उम्मीद है, ऐसे में सरकार को आंदोलन को केवल प्रशासनिक विषय के रूप में देखने के बजाय अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव रमेश के. साहू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिक्षक भर्ती के संबंध में लिखे गए पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों की पदवृद्धि की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उठ चुकी है।
साहू ने कहा कि इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान शिक्षक अभ्यर्थियों ने राहुल गांधी के समक्ष वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में पदवृद्धि का मुद्दा रखा था। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने इसी विषय को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भर्ती में पद बढ़ाने की मांग का उल्लेख किया है।
रमेश के. साहू ने कहा कि शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में 3 हजार पदों की पूर्ति और वर्ग-3 में कुल 25 हजार पदों पर भर्ती की है। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर तत्काल विचार करने की मांग की।
साहू ने आंदोलनरत अभ्यर्थियों को प्रदर्शन के संबंध में जारी किए गए नोटिसों की भी समीक्षा कर उन्हें निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार और अपने भविष्य की बात कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आवाज दबाने के बजाय सरकार को अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित कर उनकी मांगों पर स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण की काउंसलिंग भी जल्द शुरू करने की मांग की। साहू के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया लंबी खिंचने से अभ्यर्थियों में अनिश्चितता बढ़ती है और कई उम्मीदवार आयु सीमा सहित अन्य व्यावहारिक समस्याओं से प्रभावित हो सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग को शिक्षक भर्ती की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए यह जानकारी सामने रखनी चाहिए कि कितने पद रिक्त हैं, कितने पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और दूसरे चरण की काउंसलिंग कब शुरू होगी।
साहू ने मुख्यमंत्री से शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पदवृद्धि, दूसरे चरण की काउंसलिंग और आंदोलन से संबंधित नोटिसों के विषय में जल्द निर्णय लेने की मांग की, ताकि लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों की अनिश्चितता समाप्त हो सके।