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शिमला में गांधी और शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि, गणमान्य लोगों ने किया नमन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शिमला में गांधी और शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि, गणमान्य लोगों ने किया नमन

शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान और सीटीओ चौक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दोनों महान नेताओं की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि गांधी जी देशवासियों के लिए मार्गदर्शन और आदर्श हैं।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा और उनके सत्य, अहिंसा तथा राष्ट्रसेवा के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। राज्यपाल ने कहा कि नई पीढ़ी को गांधी जी के जीवन और सिद्धांतों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए राज्यपाल ने उनके नेतृत्व और देश के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शास्त्री जी ने देश का नेतृत्व किया और उनके जीवन से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा मिलती है।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों और व्यक्तित्व का प्रभाव भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया में उन्हें सम्मान मिला।

उन्होंने कहा कि गांधी और शास्त्री जैसे महान नेताओं के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने सादगी और सत्य के साथ लोगों को जोड़ते हुए देश को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और स्वच्छता जैसे अभियानों के माध्यम से उन्हें याद किया जाता है। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश देशवासियों के बीच पहुंचा और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

बाईट- उपमुख्यमंत्री, मुकेश अग्निहोत्री

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

शिमला में गांधी और शास्त्री की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि से हमें यह सिखने को मिलता है कि इतिहास की महान शिक्षाओं को याद रखकर हम वर्तमान में भी समान मूल्यों को अपनाएँ। जब भी समाज में विवाद उत्पन्न हो, तो शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी मार्ग अपनाने से नकारात्मकता दूर होती है। हमें नयी पीढ़ी को प्रेरित करना चाहिए कि वे सहिष्णुता, सत्यनिष्ठा और सेवा भाव से समाज को समृद्ध बनाएँ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।