शिमला में एक हजार से ज्यादा दिनों से आंदोलनरत दृष्टिहीन संगठन, सरकार पर अनदेखी का आरोप
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अब दिल्ली कूच कर राहुल गांधी के आवास का करेंगे घेराव
अक्तूबर 06 शिमला (हिमाचल प्रदेश): शिमला में दृष्टिबाधित संगठन के आंदोलन 1089 दिन हो चुके हैं। आज दृष्टिबाधितों ने सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश सरकार से निराश होकर अब दिव्यांगजन आज दिल्ली कूच करेंगे और राहुल गांधी के आवास का घेराव करेंगे। फिर भी प्रदेश सरकार नहीं जागी तो प्रधानमंत्री और दिव्यांगता आयोग के अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखेंगे।
दृष्टिहीन संगठन ने आज दोपहर तक का सरकार को समय दिया है अगर लिखित ने मांगो को लेकर आश्वासन नहीं मिलता है तो आंदोलनकारी दिल्ली के रवाना हो जायेंगे। दृष्टिहीन संगठन के सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि दिव्यांगजनों को आंदोलन करते हुए 1089 दिन हो चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
दिव्यांगजनों को झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं।राजेश ठाकुर ने कहा कि अब सभी दिव्यांगजनों ने मिलकर फैसला लिया है कि वे शिमला से दिल्ली जाएंगे। वहां राहुल गांधी के आवास का मिलेंगे और जरूरत पड़ी तो उनका घेराव करने के साथ प्रधानमंत्री और दिव्यांगता आयोग के उच्च अधिकारियों से भी मुलाकात कर दिव्यांगजनों के साथ हो रहे कथित सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में दिव्यांगजनों के लिए चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती मेला आयोजित करना, 1700 रुपये की पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपये करना और प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा बीपीएल में बिना शर्त दिव्यांगजनों को शामिल करना है। राजेश ठाकुर ने कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों से उनकी अनदेखी हो रही है।
उन्होंने सरकार से बातचीत कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की और कहा कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बाइट: राजेश शर्मा, सदस्य, दृष्टिहीन संगठन, हिमाचल
💡 पृष्ठभूमि (Background)
शिमला में एक दृष्टिहीन संगठन 1089 दिनों से आंदोलन कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार से दिव्यांगों के अधिकारों को मान्यता और सहायता के लिए मांग करना है। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि दिव्यांग समुदाय को लगातार सरकारी नीतियों में अनदेखा किया जा रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर पर गहरा असर पड़ता है। यदि सरकार इस मुद्दे को नजरअंदाज करती रही, तो दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के चारों ओर घेराव जैसे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांग अधिकारों पर चर्चा