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शिमला में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा, सचिवालय के बाहर चक्का जाम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शिमला में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा, सचिवालय के बाहर चक्का जाम

यूजीसी के नियम वापस लेने और सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग, 10 जनवरी को दिल्ली कूच का ऐलान

अक्तूबर 22, शिमला (हिमाचल प्रदेश): राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा गुरुवार को मनाली से 600 किलोमीटर का सफर तय कर शिमला पहुंची। बड़ी संख्या में सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम किया, जिससे शिमला की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नियमों को वापस लेने और सामान्य वर्ग के लिए आयोग का गठन करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी का गुस्सा भाजपा और कांग्रेस, दोनों के खिलाफ है।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गलत नियम बनाए, लेकिन कांग्रेस ने भी उनका विरोध नहीं किया। पार्टी नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भी निशाने पर लिया।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग के कई लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने यूजीसी के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके जरिए देश में हिंदुओं को बांटने का काम किया जा रहा है। नेताओं ने मांग की कि देश में आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने साफ किया कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने ऐलान किया कि आने वाले समय में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही 10 जनवरी को दिल्ली कूच करने की घोषणा भी की।

बाइट1: रूमित सिंह ठाकुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी

बाइट2: महिपाल सिंह मकराना, राष्ट्रीय अध्यक्ष, करणी सेना

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।