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शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन, CJP नेताओं समेत 500 पर FIR

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन, CJP नेताओं समेत 500 पर FIR CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जुटी थी भीड़, सार्वजनिक सभा, नारेबाजी और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के आरोप; दिल्ली में भी दर्ज हुईं तीन एफआईआर मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना पुलिस अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं समेत करीब 500 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन 2 अक्टूबर को शाम चार बजे से सात बजे के बीच किया गया। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के शिवाजी पार्क में जुटने का आरोप है। पुलिस शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में सार्वजनिक सभा आयोजित करने, नारेबाजी करने और सार्वजनिक सड़क पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस अब प्रदर्शन में शामिल लोगों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इन नेताओं के नाम एफआईआर में शिवाजी पार्क पुलिस ने CJP नेता अभिजीत दीपके, अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहिरे, आशुतोष रांका और सौरभ दास समेत कई लोगों को एफआईआर में नामजद किया है। इनके अलावा आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मालगी और योगेश इंगले के नाम भी दर्ज किए गए हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2) और 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने नहीं दी थी प्रदर्शन की अनुमति पुलिस के अनुसार, CJP ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई थी। 2 अक्टूबर को ही इस प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पुलिस के पास शिकायत पहुंची थी।

इसके बावजूद प्रदर्शन किए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। करीब 500 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस प्रदर्शन से जुड़े लोगों की भूमिका और आयोजन के दौरान हुई गतिविधियों की जांच कर रही है। नाबालिगों को शामिल करने की शिकायत पर NHRC का नोटिस CJP के प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्तर पर भी मामला पहुंचा है।

आयोग ने प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से शामिल करने और जुटाने की शिकायत पर नोटिस जारी किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस कार्रवाई को रोकने के लिए नाबालिगों का रणनीतिक तरीके से इस्तेमाल किया गया। NHRC ने संबंधित मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

दिल्ली में भी प्रदर्शन को लेकर एफआईआर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली में भी प्रदर्शन हुए थे। जंतर-मंतर तक पहुंचने की कोशिश के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका था। दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की हैं।

इनमें दो मामले संसद मार्ग थाने और एक मामला कनॉट प्लेस थाने में दर्ज किया गया है। प्रदर्शन में छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान एक हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें कई नेता भी शामिल थे।

मुंबई और दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब दोनों जगह दर्ज मामलों की जांच जारी है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन का विषय है, जहाँ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं समेत 500 से अधिक लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सार्वजनिक सभा के नियमों का उल्लंघन और पुलिस के आदेशों के प्रति अवज्ञा को दर्शाती है, जिससे चुनावी शांति और व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। आम जनता पर इसका असर दो‑तरफ़ा है: एक ओर यह राजनीतिक जागरूकता बढ़ा सकता है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता और कानून के उल्लंघन को बढ़ावा देकर नागरिकों

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