शिवपुरी में कार से युवती को खींचकर ले जाने का प्रयास, बचाने पहुंचे युवक से मारपीट; देखें वायरल वीडियो
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पिछोर। जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में पिछोर-चंदेरी मार्ग पर एक युवती को कार से खींचकर ले जाने के प्रयास और उसे बचाने पहुंचे युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क पर युवती को रोकने और युवक के साथ मारपीट करते कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, युवती की पहचान गजौरा गांव निवासी चंदा पुत्री वीरन लोधी के रूप में बताई गई है। चंदा इंदौर में रहकर नौकरी करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पश्चिम बंगाल निवासी लालू बैरा पुत्र अशोक बैरा, निवासी रुद्रनगर थाना सागौर से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और बाद में दोनों ने शादी कर ली।
बताया जा रहा है कि चंदा के परिजनों ने इंदौर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद परिजनों ने कथित तौर पर चंदा और उसके पति लालू को गांव गजौरा बुलाया। दोनों उनके बुलावे पर गांव पहुंचे थे।
बुधवार को किसी बात को लेकर मामला बिगड़ गया। आरोप है कि परिजनों ने चंदा को गांव में रोकने और लालू को वहां से भगाने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों वहां से निकलने लगे। पिछोर-चंदेरी मार्ग पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि इसी दौरान चंदा को कार से खींचकर ले जाने का प्रयास किया गया। जब लालू ने इसका विरोध करते हुए चंदा को बचाने की कोशिश की तो उसके साथ सड़क पर मारपीट की गई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पिछोर पुलिस मौके पर पहुंची और चंदा व लालू को थाने लेकर आई। पुलिस ने दोनों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पुलिस ने बताया- दोनों बालिग हैं
पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि युवती की गुमशुदगी का मामला इंदौर में दर्ज है। दोनों बालिग हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों को इंदौर पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज कराने की हिदायत देकर जाने दिया गया।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि हिंसा कभी समाधान नहीं होती। जब किसी को खतरा महसूस हो, तो शांतिपूर्वक पुलिस या सामुदायिक स्वयंसेवकों से सहायता माँगना बेहतर है। समाज में सहानुभूति और सहयोग का माहौल बनाना ज़रूरी है, ताकि हर किसी को सुरक्षित महसूस हो। पीड़ित के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए, हम सभी को मिलकर ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए जागरूक और सक्रिय होना चाहिए।