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शिवपुरी में सरपंच की बढ़ी संपत्ति पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप; कलेक्टर से जांच की मांग

लेखक: Ranu Parihar अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शिवपुरी में सरपंच की बढ़ी संपत्ति पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप; कलेक्टर से जांच की मांग

शिवपुरी। करेरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आवास में सरपंच की कथित बढ़ी संपत्ति और पंचायत में हुए विकास कार्यों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सरपंच की संपत्ति और रहन-सहन में कथित तौर पर आए बदलाव पर सवाल उठाते हुए पंचायत के विभिन्न कार्यों और सरकारी योजनाओं में अनियमितता की आशंका जताई है। मामले में कलेक्टर कार्यालय में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ग्रामीणों का दावा है कि सरपंच बनने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन पद संभालने के बाद कुछ ही समय में उनके रहन-सहन और संपत्ति में कथित रूप से बड़ा बदलाव देखने को मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, आलीशान मकान, नए प्लॉट, स्कॉर्पियो, बुलेट और ट्रैक्टर जैसी संपत्तियां सामने आई हैं। परिवार के सदस्यों के महंगे मोबाइल और सोने की चेन को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, पंच परमेश्वर, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य निर्माण कार्यों में अनियमितता की आशंका है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

मामले को लेकर एक ग्रामीण ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत हितग्राहियों की सूची, भुगतान संबंधी जानकारी, जॉब कार्ड और निर्माण कार्यों के मस्टररोल सहित अन्य रिकॉर्ड मांगे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकारी योजनाओं और पंचायत के विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि यह शिकायत किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है।

ग्रामीण ने यह भी कहा है कि यदि मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती या रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आती है तो वह मामले को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और लोकायुक्त मध्य प्रदेश के समक्ष उठाएगा।

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और पंचायत से जुड़े रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। सरपंच या संबंधित पंचायत अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

शिवपुरी के करेरा जनपद पंचायत में सरपंच की संपत्ति में अचानक हुई वृद्धि और विकास कार्यों पर ग्रामीणों के बीच उठे सवाल इस विषय को लेकर हैं। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्थानीय प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे को उजागर करती है, और यह दिखाती है कि किस प्रकार सत्ता के दुरुपयोग से आम जनता का विश्वास प्रभावित होता है। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो इससे ग्रामीणों का सरकारी योजनाओं पर भरोसा कम हो सकता है, और भविष्य में समान भ्रष्टाचार की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियामक कद

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Ranu Parihar

रानू परिहार शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।