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शिवपुरी नगर पालिका के करोड़ों के प्रस्तावों पर बवाल: 1.91 करोड़ की सड़क और 1 करोड़ की टेंट व्यवस्था पर उठे सवाल, कलेक्टर से बैठक निरस्त करने की मांग

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शिवपुरी नगर पालिका के करोड़ों के प्रस्तावों पर बवाल: 1.91 करोड़ की सड़क और 1 करोड़ की टेंट व्यवस्था पर उठे सवाल, कलेक्टर से बैठक निरस्त करने की मांग

कुलदीप शर्मा शिवपुरी

शिवपुरी। नगर पालिका परिषद शिवपुरी के प्रस्तावित साधारण सम्मेलन की कार्यसूची में शामिल करोड़ों रुपये के वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्तावों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक आवेदक ने 2 नवंबर को कलेक्टर को तीन पेज का आवेदन सौंपकर विभिन्न प्रस्तावों पर आपत्ति दर्ज कराई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कई प्रस्तावों में तकनीकी आवश्यकता, लागत, टेंडर प्रक्रिया, खरीदी और पुराने भुगतानों की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं।

आवेदन में मांग की गई है कि सभी विवादित प्रस्तावों की सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक उनकी स्वीकृति एवं भुगतान पर रोक लगाई जाए। साथ ही प्रस्तावित परिषद बैठक निरस्त करने की मांग भी की गई है।

1.91 करोड़ की सड़क प्रणाली और एक करोड़ की टेंट व्यवस्था पर सवाल

आवेदन में पीएससी सड़क प्रणाली पर प्रस्तावित 1.91 करोड़ रुपये के खर्च पर आपत्ति जताते हुए इसकी तकनीकी आवश्यकता, डीपीआर, लागत निर्धारण और संबंधित कंपनी की पात्रता की जांच कराने की मांग की गई है। वहीं वर्ष 2026-27 में टेंट व्यवस्था के लिए प्रस्तावित एक करोड़ रुपये के बजट पर भी सवाल उठाए गए हैं। आवेदक ने पिछले वर्षों के खर्च, कार्यक्रमों की संख्या, किराया दरों और निविदा प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

मोटर पंप, जनरेटर और पानी की टंकियों के निर्माण की जांच की मांग

मंडीखेड़ा एवं सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट के लिए मोटर पंप की दर स्वीकृति और नए जनरेटर की खरीदी के प्रस्ताव पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। आवेदन में कहा गया है कि पहले मौजूदा मशीनों की स्थिति, मरम्मत की संभावना और बाजार दरों की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा वार्ड 25, 29, 30, 32 और 35 में प्रस्तावित पानी की टंकियों के निर्माण की आवश्यकता, स्थल चयन और तकनीकी स्वीकृति का परीक्षण कराने की मांग की गई है।

JCB, डंपर, पोकलेन और सुपर सकर मशीनों की खरीदी पर सवाल

नगर पालिका की सफाई व्यवस्था के लिए जेसीबी, डंपर, पोकलेन, वैक्यूम और सुपर सकर मशीनों की खरीदी के प्रस्तावों पर भी आपत्ति जताई गई है। आवेदक ने नगर पालिका में पहले से उपलब्ध मशीनों की संख्या, उनकी स्थिति, मरम्मत खर्च और नई मशीनों की वास्तविक आवश्यकता की जांच कराने की मांग की है।

चार साल के वाहन मरम्मत खर्च की जांच की मांग

आवेदन में वर्ष 2022 से अब तक वाहन मरम्मत और परिवहन पर किए गए खर्च का विस्तृत हिसाब मांगा गया है। इसमें प्रत्येक वाहन का नंबर, मरम्मत बिल, भुगतान की तारीख, कार्यादेश, संबंधित फर्म और भुगतान स्वीकृत करने वाले अधिकारियों का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

इसके अलावा पीआईसी द्वारा पारित संकल्पों की पुष्टि, डीजल मद में बजट राशि का पुनर्विनियोजन, नगर पालिका की दुकानों की किराएदारी में नाम परिवर्तन और बारसखेड़ी स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को लीज पर देने के प्रस्तावों पर भी सवाल उठाए गए हैं।

लंबित भुगतान और निर्माण प्रस्तावों पर भी आपत्ति

समाप्रिया कॉर्पोरेशन द्वारा नलकूप मोटर मरम्मत के लंबित भुगतान पर आपत्ति जताते हुए आवेदक ने कार्यादेश, बिल, माप पुस्तिका और तकनीकी सत्यापन की स्वतंत्र जांच की मांग की है। आवेदन में दावा किया गया है कि संबंधित फर्म की शिकायत लोकायुक्त ग्वालियर में लंबित है। इसके अलावा पोहरी रोड नए बस स्टैंड पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मंगल भवन के पास दुकानों, गीता भवन निर्माण, बाजार बैठक चबूतरा और मेला आयोजन के प्रस्तावों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

नवाब साहब रोड का नाम बदलकर शिवाजी मार्ग करने के प्रस्ताव पर भी नियमानुसार प्रक्रिया और स्थानीय नागरिकों की राय लेने की मांग की गई है।

पार्षदों को दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग

आवेदन में कलेक्टर से मांग की गई है कि सभी प्रस्तावों की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति, निविदा दस्तावेज, तुलनात्मक पत्रक, कार्यादेश और भुगतान संबंधी अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही नगर पालिका के सभी पार्षदों को प्रस्तावों से संबंधित संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे तथ्यों के आधार पर निर्णय ले सकें।

आवेदन की प्रतिलिपि आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मध्यप्रदेश, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास ग्वालियर संभाग और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शिवपुरी को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि कलेक्टर इन आपत्तियों पर क्या संज्ञान लेते हैं और नगर पालिका के प्रस्तावित सम्मेलन को लेकर क्या निर्णय होता है।

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं