राजनीति

आज का श्लोक : दुह्यन्ति ये स्वराष्ट्राय कामयन्ते च मङ्गलम्।

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आज का श्लोक : दुह्यन्ति ये स्वराष्ट्राय कामयन्ते च मङ्गलम्।

यह श्लोक राष्ट्रभक्ति, नागरिक कर्तव्य और राष्ट्रद्रोही प्रवृत्तियों के दुष्परिणामों को रेखांकित करने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली नैतिक संदेश देता है। श्लोक- दुह्यन्ति ये स्वराष्ट्राय कामयन्ते च मङ्गलम्।

पोतच्छिदो विनश्यन्ति यथा सिन्धुं तितीर्षवः॥ श्लोक का भावार्थ: अपने राष्ट्र के साथ तो द्रोह करते हैं, पर चाहते हैं हमारा मङ्गल हो, वे पुरुष समुद्र के पार [...]

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।