भोपाल

शोएब की मौत के बाद इलाज और रेफरल व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों ने जांच की मांग

लेखक: Aazam Lala अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
शोएब की मौत के बाद इलाज और रेफरल व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों ने जांच की मांग

भोपाल/अहमदपुर, 29 अगस्त 2026। अहमदपुर में घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए एक युवक शोएब की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था, रेफरल प्रक्रिया और पुलिस को सूचना दिए जाने में कथित देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

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परिजनों के अनुसार, 29 अगस्त को एक राहगीर एक महिला और शोएब को घायल अवस्था में सहयोग अस्पताल, अहमदपुर लेकर पहुंचा था। बताया गया कि महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि शोएब को आगे के उपचार के लिए सरकारी अस्पताल रेफर किया गया।

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परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल से शोएब को भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, जिसके बाद उसे एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया। परिवार की ओर से सवाल उठाया गया है कि गंभीर स्थिति में मरीज को रेफर करते समय एम्बुलेंस में आवश्यक मेडिकल स्टाफ मौजूद था या नहीं।

इस संबंध में अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। बताया गया कि शोएब को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उसकी मौत की जानकारी दी गई। इसके बाद शव को एम्बुलेंस के माध्यम से आदर्श नगर स्थित उसके घर पहुंचाए जाने की बात परिजनों की ओर से कही गई है।

परिजनों के अनुसार, उन्हें घटना और शोएब की मौत की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को सूचना दिए जाने के समय और उसके बाद हुई कार्रवाई को लेकर भी परिवार ने सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि बाद में सुखीसेवनिया थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद जीरो कायमी की कार्रवाई की गई।

मामले में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शोएब की मौत किन परिस्थितियों में हुई और अस्पतालों के बीच रेफरल के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं।

परिवार ने मांग की है कि मेडिकल रिकॉर्ड, रेफरल पर्ची, एम्बुलेंस रिकॉर्ड, अस्पताल की एंट्री तथा पुलिस कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचने से लेकर मौत की सूचना और पुलिस कार्रवाई तक पूरे घटनाक्रम में कहीं कोई लापरवाही या प्रक्रिया संबंधी चूक तो नहीं हुई।

परिजनों का कहना है कि वे किसी व्यक्ति या संस्था को सीधे दोषी ठहराने के बजाय निष्पक्ष जांच के माध्यम से शोएब की मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने लाना चाहते हैं। यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है।

फिलहाल मामले में अस्पताल प्रशासन और संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। शोएब की मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेजों और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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Aazam Lala

आज़म लाला भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।