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श्रद्धा और आस्था का केंद्र: बहुचराजी शक्तिपीठ की महिमा, परंपरा और नवरात्रि उत्सव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
श्रद्धा और आस्था का केंद्र: बहुचराजी शक्तिपीठ की महिमा, परंपरा और नवरात्रि उत्सव

DATE- 19 oCT 2026

गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धाम 'बहुचराजी' राज्य की दूसरी प्रमुख शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। संवत 1839 में पत्थरों की भव्य नक्काशी के साथ निर्मित यह ऐतिहासिक मंदिर आज देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का केंद्र है।

बहुचराजी मंदिर परिसर में स्थित विशाल 'चाचर चौक', अग्निकुंड और गुंबदों की आकर्षक कलाकृति भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है। मंदिर के ठीक पीछे स्थित पवित्र मान सरोवर का अपना एक अलग ही महत्व है, जहाँ श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन (बाबरी) संस्कार करवाकर पवित्र स्नान कराते हैं।

ऐसी मान्यता है कि यहाँ शारीरिक कमियों को दूर करने की मन्नत पूरी होने पर भक्त माताजी को चाँदी के अंग अर्पित करते हैं।

भव्य पालकी यात्रा

सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, हर पूर्णिमा की रात 9:30 बजे माताजी की चाँदी की भव्य पालकी यात्रा निकलती है। वहीं चैत्री और आश्विन (आसो) पूर्णिमा के अवसर पर यह पालकी माताजी के प्राकट्य स्थल शंखलपुर गाँव जाती है, जिसके दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।

नवरात्रि के पावन अवसर पर यहाँ पारंपरिक 'भवाई' लोकनाट्य का आयोजन किया जाता है। विजयादशमी यानी दशहरा के दिन शमी वृक्ष के पास माताजी के शस्त्रों का विशेष पूजन होता है। इस खास दिन पर माताजी को गायकवाड़ राजवंश द्वारा भेंट किया गया ऐतिहासिक 'नवलखा हार' पहनाया जाता है।

मोढेरा सूर्य मंदिर से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस पवित्र धाम में आने वाले यात्रियों के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा शुद्ध सात्विक भोजनशाला और रात्रि विश्राम के लिए सर्वसुविधाजनक धर्मशालाओं की बेहतरीन व्यवस्था की गई है।

गुजरात सरकार का विशेष आयोजन और नवरात्रि की धूम

हाल ही में आयोजित नवरात्रि महोत्सव की भव्य तैयारियाँ गुजरात सरकार के खेलकूद एवं सांस्कृतिक विभाग द्वारा की गई हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक देश-विदेश के जाने-माने कलाकारों द्वारा सुरों और तालों की गूँज के साथ यह महापर्व मनाया जा रहा है।

सरकारी सहयोग से आयोजित इस महाउत्सव में बहुचराजी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में खेलैये (गरबा प्रेमी) पहुँचकर गरबा का आनंद उठा रहे हैं।

इसके अलावा, नवरात्रि पर माँ बहुचर के दर्शन हेतु भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। आस्था, भक्ति और शक्ति की त्रिवेणी स्वरूप उत्तर गुजरात की इस पावन शक्तिपीठ में पूरे गुजरात से श्रद्धालु माता के चरणों में शीश नवा रहे हैं।

बहुचराजी मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापकों ने नवरात्रि के इस भव्य आयोजन और मिले सहयोग के लिए गुजरात सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया है।

बाइट्स : • बाइट 1: भरत ठाकोर – सहायक प्रशासक, बहुचराजी टेम्पल ट्रस्ट (हिन्दी)

• बाइट 2: तेजस रावल – मंदिर प्रशासक (हिन्दी)

• बाइट 3: लैला दे – मासीबा (हिन्दी) • बाइट 4: विदेशी पर्यटक (इटली की महिला) – (अंग्रेजी / हिन्दी सब-टाइटल्स के साथ)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।